पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र कर ‘राहुल की कांग्रेस’ को घेरने की मोदी की रणनीति

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के आखिरी दो चरणों के चुनाव से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमले के लिए अचानक अपना निशाना बदलकर हैरान किया है। मोदी अब कांग्रेस पर 30 साल पीछे जाकर हमला कर रहे हैं। उनके निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हैं। राजीव के बहाने मोदी का असल लक्ष्य राहुल गांधी हैं जो लगातार मोदी पर ‘चौकीदार चोर है’ कहकर हमला कर रहे हैं। मोदी की रणनीति राजीव गांधी को ‘भ्रष्टाचारी नं.- वन’ कहकर राहुल को बैकफुट पर लाने की है। मोदी राजीव गांधी का नाम सिख विरोधी दंगे से भी जोड़ रहे हैं ताकि राहुल-प्रियंका समेत पूरी कांग्रेस बौखला जाए और हमला करने की बजाय बचाव की मुद्रा अख्तियार कर ले। सोमवार को मोदी ने कांग्रेस को आगे का चुनाव राजीव गांधी के नाम पर लड़ने की चुनौती भी दे डाली। मोदी की इस नई रणनीति से कांग्रेस तिलमिलाई हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बाकी चुनावी मुद्दों को छोड़ मोदी ने अचानक कांग्रेस पर हमले के लिए राजीव गांधी को क्यों चुना है? राजनीतिक विश्लेषक इसे मोदी की एक सोची समझी रणनीति मान रहे हैं।
सिख दंगों पर कांग्रेस को घेरने की रणनीति
लोकसभा के अगले चरणों में पंजाब की 13 और दिल्ली की 7 सीटों पर वोटिंग होनी है। पंजाब के अलावा दिल्ली में भी 1984 में हुए सिख विराधी दंगे बेहद संवेदनशील मुद्दा है। मोदी के अचानक 30 साल पीछे जाकर कांग्रेस पर हमले की एक वजह इससे भी जोड़कर देखी जा रही है। माना जा रहा है कि मोदी राजीव के जरिए सिख दंगों पर कांग्रेस को घेरने की भूमिका भी बना रहे हैं। बता दें कि अगले दो चरणों में पंजाब की 13, दिल्ली की 7, बिहार की 16, यूपी की 27, हरियाणा की 10, झारखंड की 7, एमपी की 4, पश्चिम बंगाल की 17, हिमाचल प्रदेश की 5 सीटों पर चुनाव होने हैं।
राजीव भ्रष्टाचारी नंबर न-1 से चौकीदार चोर है का जवाब
कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी ‘चौकीदार चोर है’ के नारे से मोदी को लगातार घेर रहे हैं। मोदी ने इसके जवाब में राजीव गांधी पर तंज कसते हुए उन पर ‘भ्रष्टाचारी नंबर वन’ कहकर हमला बोला। झारखंड रैली में मोदी ने कहा था, ‘आपके (राहुल गांधी) पिताजी (राजीव गांधी) को आपके राजदरबारियों ने मिस्टर क्लीन बना दिया था लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नंबर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया।’ राजीव को करप्ट बताना मोदी का ‘चौकीदार चोर है’ का जवाब माना जा रहा है।
राफेल का जवाब बोफोर्स से
तत्कालीन पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल में करप्शन का आरोप लगाकर मोदी ने बोफोर्स के कथित घोटोले के मुद्दे को एक बार फिर हवा दी है। इसे राफेल की बहस को बोफोर्स पर शिफ्ट करने की मोदी की रणनीति भी मानी जा रही है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राफेल डील में घोटाले का दावा कर बीजेपी पर लगातार हमले कर रही।