वाराणसीः दोगुनी हो गई बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर की आय

  • विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण ने श्रद्धालुओं को काफी आकर्षित किया है
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वाराणसी। वाराणसी के काशी विश्‍वनाथ मंदिर में भक्‍तों के चढ़ावे से होने वाली आय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बीते वित्तीय वर्ष में हुई दोगुनी यानी 26 करोड़ की आय ने पिछले सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसमें भक्‍तों को सुगम दर्शन और अन्‍य सुविधाओं के लिए बने हेल्‍प डेस्‍क से ही छह माह में 6 करोड़ से ज्‍यादा की आय हुई। माना जा रहा है कि विश्‍वनाथ मंदिर के विस्‍तारीकरण के तहत बाबा दरबार से गंगा तट तक कॉरिडोर के निर्माण ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है।
देश भर से बड़ी संख्‍या में भक्‍त बदलाव देखने के लिए आ रहे हैं और ऑनलाइन चढ़ावा भी दे रहे हैं। बीते साल सितम्‍बर महीने में शुरू किए गए हेल्‍प डेस्‍क से बिना कतार के सुगम दर्शन के लिए 300 रुपये के टिकट का प्रावधान किया गया है। बाद के दिनों में हेल्‍प डेस्‍क को विस्‍तार के साथ भव्‍य रूप दिए जाने से टिकट संग दुपट्टा, रूद्राक्ष और स्‍मृति चिह्न की बिक्री भी की जा रही है। श्रद्धालुओं के हित में कई और सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं। इसका परिणाम रहा है कि आय प्रतिमाह एक करोड़ से बढ़ कर दो करोड़ से ज्‍यादा हो गई।
बैंक खजाना भी बढ़ रहा
मंदिर के बैंक खाते में जमा धनराशि अब करीब 120 करोड़ हो गई है। इसके अलावा सोना, चांदी और अचल सम्‍पत्ति करोड़ों में है। मंदिर के 34 साल पहले खुले बैंक खाते में दस साल पहले तक महज सात करोड़ रुपये जमा थे। देश-विदेश में रहने वाले भक्‍तों के दान ओर मंदिर प्रबंधन की ओर से उठाए गए कदमों के चलते साल दर साल चढ़ावे का अनुपात बढ़ने से बैंक में जमा राशि का आंकड़ा बीते साल ही 100 करोड़ के पार हो गया था। हालांकि बाबा का खजाना देश के सबसे अमीर मंदिरों की तुलना में काफी कम है।
कई जगहों पर है अचल संपत्ति
मंदिर को दान में मिला करीब साढ़े पांच किलो सोने और 150 किलो चांदी को डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया है। बाबा विश्‍वनाथ की अचल संपत्ति काशी के अलावा पड़ोसी जिले चंदौली, मीरजापुर और बेंगलुरु में है। चंदौली के सकलडीहा में 36 एकड़ और मीरजापुर में इतनी ही कृषि भूमि बाबा के नाम है तो बेंगलुरु में रुद्राक्ष का बाग भी है।