बंगाल में हिंसा के मद्देनजर रैली और सभाओं पर रोक, अफसरों के तबादले

  • 20 घंटे पहले ही खत्म हो जाएगा प्रचार, 19 मई को है अंतिम चरण का मतदान,
  • चुनाव आयोग ने सीआईडी के एडीजीए प्रधान सचिव और गृह सचिव को हटाया
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल बंगाल में रैली और सभाओं पर चुनाव की तरफ से रोक लगा दी गई है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई है। यह फैसला 16 मई से प्रभावी होगा। बंगाल की सभी 9 लोकसभा क्षेत्र में कल रात 10 बजे के बाद से चुनाव प्रचार पर रोक लग जाएगी। ऐसा पहली बार हुआ कि प्रचार की समय सीमा खत्म होने से लगभग 20 घंटे पहले ही चुनाव आयोग ने वहां की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। इसमें पश्चिम बंगाल के गृह सचिव भी शामिल हैं। मुख्य सचिव ही फिलहाल गृह सचिव का कामकाज देखेंगे।
आयोग ने कहा कि हिंसा की घटनाओं से हमें काफी दुख है। हमने पहली बार इस तरह से धारा 324 का इस्तेमाल किया है। लेकिनए भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हुईं तो हम फिर कदम उठाएंगे। चुनाव आयोग ने ईश्चरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। आयोग ने सीआईडी के एडीजीए प्रधान सचिव और गृह सचिव को भी हटा दिया है।

पहली बार उठाया कदम
चुनाव आयोग ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब उन्होंने धारा 324 को इस तरह से लागू किया है। आयोग ने कहा कि यदि चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाएं फिर दोहराई गईं तो फिर से सख्त कदम उठाया जाएगा।
बता दें कि 19 मई को पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर चुनाव होना है, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं। मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान खूब हंगामा हुआ। इस दौरान वहां के कॉलेज में ईसी विद्याासागर की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त की गई। बीजेपी और टीएमसी इस हिंसा के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य प्रशासन मूर्ति को क्षति पहुंचाने वाले को पकड़ लेगा।
क्या अनुच्छेद 324?
आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग ऐसे किसी भी मामले में दखल दे सकता है, जिनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी या अस्पष्टता लग रही हो। इस अनुच्छेद के तहत चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निर्विवाद चुनाव कराने के लिए कुछ शक्तियां दी गई हैं। इसके तहत वह प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती या छुट्टी, प्रचार के समय की अवधि तय करने, प्रचार के नियमन समेत कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है।

गौरतलब है कि पिछले छह चरणों के चुनाव प्रचार में जहां पूरे देश में मतदान शांतिपूर्ण हुआ वहीं पश्चिम बंगाल में जमकर हिंसा हुई हैं। मंगलवार को अमित शाह के रोड शो के बाद कोलकाता में भारी बवाल और आगजनी व पथराव हुआ। जिसको लेकर भाजपा और टीएमसी ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। घटना के बाद से भाजपा और ममता बनर्जी के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। इस मुद्दे पर लगातार सियासत जारी है।