यूपी-एनसीआर के स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

शामली। यूपी और एनसीआर के रेलवे स्टेशनों को 72 घंटे में बम से उड़ा कर आतंक मचाने की सनसनीखेज धमकी देने वाले दो संदिग्ध आतंकियों को शामली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों शातिर अपराधी जिला मेरठ थाना कंकरखेड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों संदिग्ध आतिंकयों के पास से धमकी भेजने के प्रयोग में लाए गए तीन मोबाइल फोन को भी बरामद किया है। फोन कॉल और अन्य सबूतों के आधार पर यह संदिग्ध आतंकी किस आतंकी संगठन से जुड़े हैं उनका पूरा इतिहास खंगालने में जुट गई है।
पूरा मामला जनपद शामली का है, जहां पर शामली पुलिस अधीक्षक की ऑफिशल ईमेल आईडी पर गुलजार राजा नाम की जीमेल से एक मेल आया था। मेल में यूपी वेस्ट व एनसीआर के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन सहित सभी स्टेशनों को 72 घंटे में बम से उड़ा कर आतंक मचाने की बात लिखी गई थी। एसपी शामली ने ईमेल को गंभीरता से लेते हुए सदर कोतवाली क्षेत्र पर मुकदमा दर्ज करा दिया था, जिसके बाद से ही पुलिस इस मेल को भेजने वाले की कुंडली खंगालने में लग गई थी। गहनता से जांच करते हुए शामली पुलिस ने जीमेल आईडी का प्रॉपर तरीके से वेरीफिकेशन किया और धमकी भरे मेल को भेजने वाले संदिग्ध आतंकी गुलजार निवासी थाना कंकरखेड़ा जिला मेरठ व उसके एक साथी शहजाद निवासी कंकर खेड़ा जिला मेरठ को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस ने वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिससे कि यह धमकी भरा मेल शामली पुलिस अधीक्षक की ऑफिशियल ईमेल आईडी सहित प्रदेश के अन्य अधिकारियों व रेलवे के अधिकारियों मेल भेजा गया था। पूछताछ के दौरान पकड़े गए दोनों ही संदिग्ध आतंकी बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। पकड़ा गया गुलजार पांचवी पास है और पांचवी पास करने के बाद उसने दीनी तालीम प्राप्त की है। वहीं, दूसरा संदिग्ध आतंकी शहजाद दसवीं पास है और उसने दसवीं पास करने के बाद साथ-साथ दीनी तालीम भी ग्रहण कर रखी है। इस पूरे मामले पर एसपी शामली अजय कुमार पांडे ने बताया कि तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल, दोनों ही संदिग्ध आतंकियों की भूमिका संदिग्ध लग रही है।
बता दें, 20 अप्रैल को शामली रेलवे स्टेशन के अधीक्षक के नाम लेटर मिला था, जिसमे भी यूपी और एनसीआर के कई स्टेशनों को उड़ाने की बात कही गई थी। साथ ही सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बम से उड़ाने की बात कही गई थी। जांच में पता चला था कि पत्र जालंधर से भेजा गया है, लेकिन किसने भेजा है इस बात का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जो पत्र 20 अप्रैल को भेजा गया था उसमे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा था।