इस मंत्री के लिए बजीं मोदी-शाह से भी ज्यादा तालियां

  • साइकिल की सवारी करने वाले प्रताप सारंगी झोपड़ी में रहते हैं,
  • प्रताप सारंगी के पास न अपना मकान है और न परिवार,
  • बिना उचित साधनों के प्रतिद्धंदी करोड़पति उम्मीदवार को हराया,
  • 7 क्रिमिनल केस, ईसाई मिशनरी की हत्या में भी आया था नाम
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुल 58 मंत्रियों ने गुरुवार (30 मई 2019) को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान एक शख्स ऐसे भी थे जिनके शपथ लेने के लिए मंच पर पहुंचते ही दर्शक दीर्घा में बैठे मेहमानों ने सबसे ज्यादा तालियां बजाईं। अपनी सादगी के लिए मशहूर इस शख्स का नाम प्रताप चंद्र सारंगी है। वह ओडिशा के बालासोर से चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। कभी भिक्षु बनने की चाह रखने वाले सारंगी को मोदी सरकार में दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोग उन्हें ‘ओडिशा का मोदी’ कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी की तरह वह भी अपने परिवार से दूर रहते हैं और एक संन्यासी की तरह जीवन जीते हैं।


झोपड़े में रहते हैं प्रताप सारंगी
प्रतापचन्द्र सारंगी, आज भी झोपड़े में रहते है। प्रताप चंद सारंगी 542 सांसदों में सबसे गरीब आर्थिक रुप से कमजोर सांसद हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं है। झोपडी में निवास है। ग्राम पंचायत के हैंडपंप पर स्नान करते हैं। 12970 वोटों से अरबपति उम्मीदवार को हरा कर विजेता बने हैं। इन्होंने पूरा प्रचार साइकिल से किया। सारंगी ने इस बार के लोकसभा चुनाव में ओडिशा के बालासोर से जीत हासिल की है। इन्होंने बीजू जनता दल के रविंद्र कुमार जेना को 12 हजार 956 वोट से हाराया है। लोग उन्हें ओडिशा का मोदी कहने लगे हैं।
सिर्फ पैसों से चुनाव लड़ने के मिथक को गरीबी और ईमानदारी से ध्वस्त करने वाले प्रताप सारंगी ने उस दौर में जब पॉलिटिक्स को पैसे वाले अपने पॉकेट मे लेकर चलते हैं। करोड़ों खर्च कर अरबों कमाने का जरिया बन चुकी राजनीति में प्रताप सारंगी कई बरसों से सादगी के हस्ताक्षर बने हुए हैं। भगवा झंडा थामकर प्रताप सांरगी दो बार ओडिशा विधानसभा में बैठ चुके हैं। मगर न तो इनके पास अपना बड़ा सा मकान है। न गाड़ी है। न पुलिस की फोर्स है। टूटे हुए मकानों में अकेले रहने वाले प्रताप कभी साधु बनने चले थेए मगर सियासत की सादगी के साधक बनकर रह गए।


पुराने क्रिमिनल केस को लेकर चर्चा में
अपनी सादगी की वजह से सुर्खियों में रहने वाले सारंगी इस बार एक पुराने क्रिमिनल केस को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में ऑस्ट्रेलिया के क्रिशचन मिशीनरी के ग्राहम स्टेन्स और उनके बच्चों की हत्या कर दी गई थी। जिस समय ये हत्याएं हुईं, सारंगी बजरंग दल के राज्य प्रमुख थे। इन हत्याओं के पीछे ईसाई समाज ने बजरंग दल को दोषी ठहराया था। हालांकि, इस केस की विस्तृत जांच में इस संगठन का नाम सामने नहीं आया। इस केस में लंबे ट्रायल के बाद हमला करने वाले लोगों के एक समूह से दारा सिंह समेत 12 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद ओडिशा हाई कोर्ट ने सिंह को मृत्युदंड की सजा सुनाई। वहीं अन्य 11 आरोपियो को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। इस हत्यकांड में उनकी भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है। हालांकि इस केस में उनके खिलाफ ऐसे कोई सबूत सामने नहीं आए जो उन्हें दोषी साबित करते हों। सांरगी इस आरोप से मुक्त हो चुके हैं।
आरोपों को नकारा
सारंगी ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके ऊपर कुल सात क्रिमिनल केस चल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों को नकारा है। मंत्री बनने के बाद एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर चल रहे सभी केस झूठ पर आधारित हैं। पुलिस ने यह केस इसलिए दायर किए हैं क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा रहा हूं। मैंने इसके खिलाफ गंभीरता से लड़ाई की है। मैंने समाज में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। इस वजह से मैं भ्रष्ट अधिकारियों की नजर में उनका दुश्मन बन गया। इस वजह से सभी असामाजिक तत्व मेरे खिलाफ खड़े हैं। कई केस में मैं बरी हो चुका हूं आने वाले समय में बाकी सभी केसों से भी आरोपमुक्त कर दिया जाऊंगा।” चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपने ऊपर चल रहे सभी आपराधिक मामलों का जिक्र किया है। जिनमें गैर-कानूनी तरह से एकत्रित होकर दंग भड़काना, लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काना जैसे मामले शामिल हैं।
शपथ के दौरान हुआ था जोरदार स्वागत
साधारण सफेद कुर्ते में जब सारंगी मंच पर पहुंचे थे तो लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी करने लगे थे। सोशल मीडिया यूजर्स उनके सादगी भरे जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरों को शेयर कर रहे थे। इनमें साइकिल की सवारी, चुनाव के दौरान ऑटो-रिक्शा से प्रचार वाली तस्वीरें शामिल थीं। शपथ ग्रहण से पहले बांस से बने अपने घर से दिल्ली के लिए कूच करते वक्त ली गई उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। हालांकि यह पहली बार नहीं था जब साधारण से दिखने वाले सारंगी चर्चा में आए हों वह अक्सर अपनी इसी सादगी की वजह से मीडिया में चर्चित रहे हैं।