जज्बाः छह साल से अकेले गंडक नदी की सफाई कर रही हैं 70 साल की गिरजा देवी

खगड़िया। सफाई के प्रति जुनून ने उन्हें समाज में अलग पहचान दिला दी है। इनके जूनून के आगे कभी प्रतिकूल मौसम भी रोड़ा नहीं बनता है। मिलिए ये हैं मानसी प्रखंड के चकहुसैनी गांव की रहने वाली 70 साल की महिला गिरजा देवी। ये छह साल से लगातार मटिहानी घाट पर गंडक नदी की सफाई करती आ रहीं हैं। सफाई के प्रति उनके लगाव के कारण कुछ लोग ताने भी मारते हैं, लेकिन उनके हौसले पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है।
गिरजा देवी छह वर्षों से सुबह के छह बजे गंडक नदी के किनारे पहुंचकर स्वच्छ भारत मिशन को गति देने में जुट जाती हैं। बिना खाये-पीये वह सफाई का काम कभी एक बजे तो कभी संध्या पांच बजे तक करती हैं। गंडक नदी के किनारे लोगों द्वारा फेंके गए कचरे, गंदे कपड़े व मुंडन के बाल से उन्हें घृणा भी नहीं होती है। सभी कचरे आदि को वह एक जगह दिनभर इकट्ठा करती हैं। इसके बाद जाने से पहले उसे जला देती हैं। इस काम में उन्हें कोई मदद नहीं करता है। बावजूद इसके वह नदी तट की सफाई में रोज लीन देखी जाती हैं।
गंडक नदी तट की रोज सफाई करने के बारे में वह बताती हैं कि वह बचपन से घर ही नहीं आसपास की सफाई करती हैं। छह साल पहले गंगा मैया ने उन्हें सपना दिया इसके बाद गंडक नदी की सफाई शुरू कर दी। दो साल पहले गंडक की सफाई कुछ दिनों तक छोड़ दी तो उनकी तबीयत खराब हो गई। सफाई करते रहने से उसकी तबीयत खराब नहीं होती है। गिरजा देवी ने कहा कि सफाई से परिवार के लोग उन्हें रोकते भी थे, लेकिन साफ कह दिया खाना दो या न दो वह गंगा मैया की सफाई करेंगी। कहा कि जब देश में स्वच्छता अभियान को लेकर इतना कुछ हो रहा है तो हमारा भी तो कुछ दायित्व बनता है। उम्र के अंतिम पड़ाव पर सफाई के प्रति जुनून व हौसले को देखकर सभी लोग उन्हें सलाम करते हैं।