तियानमेन चौक नरसंहारः चीन में 30 साल बाद और गहराया ‘टैंक मैन’ का रहस्य

  • तियानमेन चौक नरसंहार के आज तीन दशक पूरे हो गए हैं ,
  • टैंकों के आगे निहत्थे खड़े शख्स को हर कोई याद कर रहा है,
  • छात्रों के विरोध प्रदर्शन को चीन ने बुरी तरह कुचल दिया था,
  • टैंकों से गोले बरसाकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया था,
  • टैंक मैन की तस्वीरें कुछ पत्रकारों ने खींची थीं, जब टैंक उसकी ओर बढ़ रहे थे
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पेइचिंग । वह शख्स दुनिया भर में आजादी और असहमति का प्रतीक है। तस्वीरों, टेलिविजन शो, पोस्टर्स और टीशर्ट समेत तमाम जगहों पर वह हमेशा दिखता है। लेकिन, चीन के तियानमेन चौक पर हुए नरसंहार के तीन दशकों के बाद उस शख्स को लेकर रहस्य और गहरा गया है। तियानमेन चौक नरसंहार के आज तीन दशक पूरे हो गए हैं और उस वक्त टैंकों के आगे निहत्थे खड़े होने वाले शख्स को हर कोई याद कर रहा है। लेकिन, आज वह शख्स पहले से भी बड़ा रहस्य बन चुका है।
तियानमेन चैक पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन को चीन ने बुरी तरह कुचल दिया था और टैंकों से गोले बरसाकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया था। आज साइबर सूचना के इस दौर में जब कुछ भी छिपा नहीं रहता और दुनिया के किसी भी कोने की सूचना उजागर हो ही जाती है। लेकिन 30 साल बीतने के बाद भी टैंक मैन के बारे में सिर्फ कयास लगाए जाते हैं। आज भी वह कहानियों का ही हिस्सा है, लेकिन हकीकत किसी को नहीं मालूम।
न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक टैंकमैन की तस्वीर 5 जून, 1989 को ली गई थी। यह तस्वीर उसी दौर की थी, जब चीन ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों का कत्लेआम किया था। पेइचिंग में जिस वक्त सरकारी हिंसा का तांडव चल रहा था, उसी वक्त टैंकों के सामने खड़े एक शख्स की तस्वीर सामने आई थी। सफेद शर्ट पहने वह शख्स हाथों में बैग के लिए टैंकों के सामने निडर होकर खड़ा था।
विदेशी पत्रकारों ने ली थी टैंकमैन की फोटो
टैंक मैन की तस्वीरें एक होटल की बालकनी से विदेशी मीडिया संस्थानों के कुछ पत्रकारों ने खींची थीं, जब टैंक उसकी ओर बढ़ रहे थे। 20वीं सदी की सबसे चर्चित तस्वीरों में से एक टैंक मैन की तस्वीर भी है। पश्चिमी देशों के तमाम लोग कहते हैं कि टैंक मैन वेस्टर्न वर्ल्ड के मूल्यों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधि है।
टैंक मैन की तस्वीरों को चीन ने किया सेंसर
हालांकि चीन के प्रॉपेगेंडा मैनेजर्स का कहना है कि यह तस्वीर बताती है कि हमारे देश ने किस तरह से विरोध से शांतिपूर्ण तरीके से निपटने का काम किया। उनके मुताबिक सेना ने टैंक मैन का कत्ल न कर दिखाया कि कैसे वह विरोध के स्वर को भी सुनती है। हालांकि बीते कुछ सालों में चीन सरकार ने टैंक मैन की मेमोरी को खत्म करने का प्रयास किया है। चीन सरकार ने टैंक मैन की ऑनलाइन की तस्वीरों को सेंसर करने के साथ ही उसकी तस्वीरों को आगे बढ़ाने वाले लोगों को सजा तक दी है।