सीतापुरः नाला बनी नदी में विधायक के प्रयास से लौटा जीवन, बनेगा रिवर फ्रंट

  • सीतापुर में बहती है सरायन नदी, कुछ दिनों पहले तक थी गंदा नाला,
  • बीजेपी विधायक राकेश ने नदी के पुनर्जीवित करने का उठाया बीड़ा,
  • अब किनारों पर इंटरलॉकिंग और पेड़ लगाकर बनेगा रिवर फ्रंट
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सीतापुर । कभी पूरी तरह से खत्म हो चुकी इस नदी के आस-पास लोग जाने से भी कतराते थे। इस नदी ने नाले का रूप ले लिया था। गंदगी और कचरे का यह डंपिग ग्राउंड बन गया था लेकिन अब इस इलाके की सूरत बदल गई है। नाला बन चुकी नदी फिर से जीवित हो गई है। जी हां, यहां बात रही है यूपी के सीतापुर जिले की सरायन नदी की। गुजरात के साबरमती और लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर सरायन नदी के किनारे एक छोटा सा रिवर फ्रंट तैयार किया जा रहा है। सरायन नदी में आया यह बदलाव यहां के विधायक राकेश राठौर के प्रयासों से सफल हुआ है।
सीतापुर के लोग इस नदी को भूल चुके थे और यह पूरी तरह से गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी। सदर क्षेत्र से बीजेपी विधायक राकेश राठौर ने सरायन नदी को फिर से जीवित करने का बीड़ा उठाया है। बिना किसी सरकारी मदद के वह अपनी विधायक निधि और लोगों के सहयोग से नदी को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। विधायक ने बताया कि नदी को पुनर्जीवित करने का काम 217 दिन से लगातार चल रहा है। शहर में यह नदी कुल सात किलोमीटर की है जिसमें दो किलोमीटर का काम पूरा हो गया है, तीसरे किलोमीटर का काम चल रहा है।

नदी में सफाई करवाते विधायक राकेश राठौर।

विधायक राकेश राठौर ने बताते हैं कि बचपन में वह जब अपने पिता के साथ नदी के किनारे आते थे तो पानी बहुत साफ हुआ करता था। लोग नदी में नहाते थे और पानी में मछलियां तैरती हुई नजर आती थीं। जैसे-जैसे वह बड़े हुए, नदी एक गंदे नाले में बदल गई। बदबू और गंदगी के कारण लोगों ने उस ओर जाना बंद कर दिया और शहर का कचरा वहां डंप होने लगा। लोग इस नदी को नाला कहने लगे। उन्होंने विधायक बनते ही तय किया कि वह इस नदी को फिर से जीवित करेंगे।
दिखने लगी नदी, अब रिवर फ्रंट बनाने की तैयारी
राठौर के प्रयास से धीरे-धीरे नदी साफ होने लगी। इस इलाके का हाल यह है कि यहां पर अब दो किलोमीटर के दायरे में लोगों ने नदी किनारे आना शुरू कर दिया है। आसपास लगे जिन हैंडपंप का लोगों ने पानी पीना बंद कर दिया था, वह फिर से पीने योग्य हो गया है। विधायक ने बताया कि नदी के सात किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद किनारों पर इंटरलॉकिंग और पेड़ लगाए जाएंगे ताकि इसके किनारे एक रिवर फ्रंट की तरह खूबसूरत बन सकें और लोग वहां समय बिताने आ सकें।

नाला बन गई थी नदी।

नगर पालिका नहीं दे रहा साथ
राकेश राठौर ने बताया कि इलाके के बारह से चैदह नाले ऐसे हैं जो सीधे नदी में गिरते हैं। उन्होंने नगर पालिका को कई बार पत्र लिखकर नालों से गंदा पानी सीधा नदी में गिरने से रोकने का अनुरोध किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर वह शासन से शिकायत कर चुके हैं लेकिन नगर पालिका उनका साथ नहीं दे रही है।
विधायक ने बताया कि उनके नदी सफाई अभियान में स्थानीय लोगों का भी बहुत साथ मिल रहा है। लोग श्रमदान के रूप में भी आकर काम कर रहे हैं। अब तक नदी सफाई में लगभग 65 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में सीएम योगी से मुलाकात की थी और उन्होंने सहयोग करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार से मदद मिले तो नदी सफाई का काम तेजी पकड़ लेगा और जल्दी पूरा हो जाएगा।