अरुणाचल के घने जंगलों में दशकों से लापता हैं कई प्लेन

  • ईस्ट अरुणाचल की इन पहाड़ियों पर पहले भी कई विमानों का मलबा दशकों बाद मिला है
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नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना के लापता विमान AN-32 का मलबा अरुणाचल के सियांग जिले में देखा गया है। प्लेन की टोह लेने में एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त लग गया और अब उस जगह तक पहुंचना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। दरअसल, उस इलाके में घने जंगल हैं और वहां तक पहुंचना काफी कठिन है। ऐसे में मलबे वाली जगह पर कमांडोज को हेलिकॉप्टर से उतारा जाएगा और ग्राउंड पार्टी को वहां तक पहुंचने में 1-2 दिन लग सकते हैं।
ईस्ट अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर पहले भी कई बार ऐसे विमानों का मलबा मिला है, जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लापता हो गए थे। ये अमेरिकी एयरक्राफ्ट चीन के कुनमिंग में लड़ रहे तत्कालीन चीनी प्रमुख चियांग काई शेक के सैनिकों और अमेरिकी सैनिकों के लिए जरूरी सप्लाई लेकर जाते थे।
क्या टर्बुलेंस से प्लेन हो जाते हैं क्रैश?
अलग-अलग रिसर्च में एक बात निकलकर आई है कि इस एरिया के आसमान में बहुत ज्यादा टर्बुलेंस और 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा यहां की घाटियों के संपर्क में आने पर ऐसी स्थितियां बनाती हैं कि यहां उड़ान बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाती है। वहीं, यहां की घाटियां और घने जंगलों में घिरे हुए किसी विमान के मलबे को तलाश करना ऐसा मिशन बन जाता है जिसके पूरा होने में कई बार सालों लग जाते हैं।
सुखोई, C130, P8 भी लगे थे मिशन में
आपको बता दें कि 13 लोगों के साथ इस विमान ने 3 जून को असम के एयरबेस से उड़ान भरी थी। इसके बाद सुखोई-30, ब् 130 जे सुपर हर्क्युलिस, पी8 आई एयरक्राफ्ट, ड्रोन और सैटलाइट्स के जरिए विमान का पता लगाने की कोशिश की जा रही थी। इस अभियान में वायुसेना के अलावा नौसेना, सेना, खुफिया एजेंसियां, आईटीबीपी और पुलिस के जवान लगे हुए थे।
यहां 75 साल बाद मिला था प्लेन का मलबा
यह ऐसा इलाका है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गिरे विमान के मलबे अब तक मिल रहे हैं। इसी साल फरवरी में ईस्ट अरुणाचल प्रदेश के रोइंग जिले में 75 साल से लापता एक हवाई जहाज का मलबा मिला। यह अमेरिकी वायुसेना का विमान था जो दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान चीन में जापानियों के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए असम के दिनजान एयरफील्ड से उड़ा था। इस विमान के मलबे में कुछ चीजें बिल्कुल ठीक हालत में मिलीं। विमान में बड़ी संख्या में गोलियों के अलावा, एक चम्मच, कैमरों के लेंस के अलावा ऊनी दस्ताना भी सुरक्षित मिला।
मंगलवार दोपहर में इंडियन एयरफोर्स ने ट्वीट किया, लापता एएन-32 विमान का मलबा लिपो से 16 किलोमीटर दूर दिखा है। एमआई-17 हेलिकॉप्टर को सर्च ऑपरेशन के दौरान करीब 12 हजार फीट ऊंचाई पर टाटो के उत्तर-पूर्व में यह मलबा दिखाई दिया है।