गंगा दशहरा पर हजारो श्रद्धालुओं ने किया स्नान, लगे गंगा मइया के जयकारे

बरेली (नमस्कार न्यूज)। देश भर में गंगा दशहरा का पर्व पूरे भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु रामगंगा के घाट पहुंचे यहां उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार समेत पहुंचकर रामगंगा में स्नान करने के बाद दान आदि दिया। गंगा मइया के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगी। भोर से ही श्रद्वालुओं की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। लोगों ने नखासे में घुड़दौड़ का रोमांचक मुकाबला देख आनंद उठाया। वहीं पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। भारी संख्या में श्रद्वालुओं के रामगंगा आगमन पर भीषण जाम लग गया जिस कारण बड़े वाहन प्रभावित हुए। ऐसे में कई रूट डायर्वट किये गए। पिछली बार मेले में हुई लूट पाट को लेकर फोर्स को बढ़ा दिया गया है।
श्रद्धा में उठे हाथ, बंद आंखों से दिल से मनोकामना मांगते श्रद्धालु, आस्था की डुबकी लगाते हजारों महिलाएं पुरुष और बच्चे कुछ ऐसा नजारा बुधवार को गंगा दशहरा पर रामगंगा चैबारी में दिखा गया। घाट पर करीब सौ से ज्यादा पंडित, पुरोहित और उनके सहयोगी अनुष्ठान कराने के लिए मौजूद रहे। जिन्होंने पूजन समेत बच्चों का मुंडन करवाया। मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि ट्रेन में सीट मिलना तो मुश्किल ही था। इसके चलते लोगों ट्रेन की खिड़की पर लटक कर तक सफर किया। स्नान के दौरान घाट पर कीचड़ अधिक होने से कई श्रद्धालु तो फिसल कर गिर गए। मेले में फर्नीचर, हैंडीक्रॉफ्ट, सुरमा, जरी समेत चाय, टिक्की समोसे, बताशे व अन्य आइटम्स और खाद्य पदार्थो की जमकर बिक्री हुई। सभी स्टॉल्स पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके साथ ही बच्चों ने मेले में लगे झूलों का भी खूब आनंद लिया। मेले में इस बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद आयोजकों को भी नहीं थी, लेकिन एक दिन पहले दिन भर, देर शाम और रात में भी घाटों पर श्रद्धालुओं के उमड़ने का सिलसिला जारी रहा। जिसे देखते हुए पुलिस फोर्स, प्रशासन समेत आयोजकों के हाथ पांव फूल गए। ट्रैफिक कंट्रोल करने में सभी के पसीने छूट गए। देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला चला। भोर होने के साथ घाट पर भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। सुबह नौ बजे तक मेले में आए श्रद्धालुओं की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया। जिससे रोड पर बुरी तरह जाम लग गया। लोगों को कई घंटो तक जाम से जूझना पड़ा। रामगंगा चैबारी घाट समेत रामगंगा के पास सटे गांव के रास्ते पर सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। पुलिस को वाहनों का रूट डायवर्ट कर जाम से निजात दिलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जाम खुलवाने के लिए पुलिस प्रशासन के भी पसीने छूट गए। तब कहीं जाकर जाम खुला। इस दौरान जाम में रामगंगा पुल पर फंसे लोगों ने जान जोखिम में डालकर पुल के पिलर के सहारे नीचे उतरना शुरू कर दिया। यहां समितियों ने मेले में बेटी बचाओ, मां गंगा बचाओ, प्रदूषण मुक्त गंगा के प्रति श्रद्धालुओं को नुक्कड़ नाटक, रैली, पैम्फलेट बांटकर अवेयर किया। इस बार आज का दिन बहुत विशेष योग बन रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार गंगा अवतरण वाले दिन जो 10 योग थे वही 10 योग इस दिन भी बन रहे हैं। इस लिए इस बार गंगा दशहरा का पर्व बहुत खास है। यह अभीष्ट की सिद्धि का दिन है मुख्यतः इस दिन को अबूझ मुहुर्त भी माना जाता है इसमें धार्मिक अनुष्ठान, ध्यान, व्रत आदि का गई गुणा अधिक फल इस बार मिलेगा। यह दिन सम्वतसर का मुख माना गया है। बालाजी मंदिर के पंडित ने बताया कि जिस दिन पूर्वांग में दशमी एवं दस योग हों, उस दिन यह व्रत करना चाहिए। दस योग में ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतीपात योग, गरकरण, आनन्द योग, कन्या राशि का चन्द्रमा और वृष राशि का सूर्य शामिल है। इन दस योगों में से दशमी और व्यतीपात योग मुख्य हैं। शास्त्रो के अनुसार कई वर्षो बाद गंगा जी के अवतरण के समय भी यही 10 योग थे जो इस बार बन रहे हैं। पं. राजीव शर्मा ने बताया कि यह अभीष्ट की सिद्घि का दिन है। इसमें धार्मिक अनुष्ठान, धान, व्रत आदि का गई गुणा अधिक फल इस बार मिलेगा। यह दिन सम्वतसर का मुख माना गया है। इसलिए संकल्पपूर्वक गंगा जी में दस बार गोते लगाकर, गंगा स्नान करके दूध, बताशा, जल, रोली, नारियल, धूपदीप से पूजन करके दान देना चाहिए।

गंगा दशहरा पर आंधी-बारिश से राहत
गंगा दशहरा पर सुबह-सुबह मौसम ने पलटी मारी। सुबह 6 बजे पहले तेज आंधी आई और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। आंधी और बारिश होने से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। लोगों ने बारिश में भीग कर बदले हुए मौसम का मजा उठाया। हवा के साथ हो रही बारिश ने लोगों को फव्वारे का एहसास कराया। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार से बादल छाए रहने की संभावना जताई थी। हालांकि बरसात होने की संभावना बेहद कम थी। मगर भीषण उमस के चलते स्थानीय दबाव बनने के कारण बारिश हो गई। बारिश के कारण तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। उसके बाद दिन सुहावना हो गया।