तीन तलाक बिल को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान तीन तलाक विधेयक पेश किया था, लेकिन लोकसभा में मंजूरी मिलने के बावजूद यह विधेयक राज्यसभा में लंबित रह गया था। इस कारण पिछले महीने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह बिल भी खत्म हो गया था।
केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद सबसे पहले 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पेश किया जाएगा। पिछली बार राज्य सभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत नहीं होने के कारण विपक्ष इस विधेयक को रोकने में सफल हो गई थी। ऐसे में इस बार इस विधेयक पर राज्य सभा के रुख पर सभी की निगाहें होंगी।
यह है तीन तलाक विधेयक
तीन तलाक कानून के नाम से पहचाने जाने वाले मुस्लिम महिला (वैवाहिक अधिकारों का संरक्षण) विधेयक किसी भी पति को अपनी पत्नी को एकसाथ तीन बार तलाक कहकर निकाह तोड़ने से प्रतिबंधित करता है। ऐसा करने वाले को इस विधेयक में अपराधी की श्रेणी में रखे जाने की बात कही गई है। तीन तलाक विधेयक में पति को गिरफ्तार किए जाने के मुद्दे पर ही विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।