मुंबई में 45 साल बाद सबसे अधिक बारिश, मलाड हादसे में 21 लोगों की मौत

मुंबई। मुंबई में मुसलधार बारिश आफत बनकर टूटी है। मलाड में बारिश की वजह से एक दीवार गिरने से 21 लोगों की मौत हो गई। मलबे में जिंदा दिखी बच्ची संचिता भी जिंदगी से जंग हार गई। मौसम विभाग की मानें तो मुंबई में करीब 45 साल बाद ऐसी बारिश देखी ह। भारी बारिश की वजह से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित है। रेल, वायु और सड़क यातायात पर असर साफ देखा जा जा रहा है।
मौसम विभाग (आईएमडी) के भारी बारिश के अनुमान के बाद सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हुए लोगों को घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी है। इस बीच विपक्षी दलों ने बीएमसी पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी पार्टियों ने कहा कि बीजेपी-शिवसेना शासित बीएमसी ने जलभराव जैसी स्थिति से निपटने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए।

टूटा 45 साल की रिकॉर्ड
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे से पहले तक पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश हुई। इससे पहले 26 जुलाई 2005 को मुंबई ऐसे ही जलप्रलय का गवाह बना था। सांता क्रुज में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र से मिले आकंड़े का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान 375.2 मिमी बारिश हुई है। मुंबई में 2005 में आयी बाढ़ को छोड़ दें तो यह पांच जुलाई 1974 के बाद महानगर में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। सांताक्रुज वेधशाला ने उस दिन मुंबई में 375.2 मिमी बारिश दर्ज की थी।
मलाड हादसा
उत्तरी उपनगर मलाड में एक दीवार ढहने से 21 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मलबे में फंसी 15 वर्षीय संचिता को करीब 12 घंटे बाद बाहर निकाला गया लेकिन उसने दम तोड़ दिया। बीएमसी ने ट्वीट कर बताया कि मलबे से बचाव कर्मियों ने एक महिला और बच्चे को बाहर भी निकाला है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों ने बताया कि देर रात करीब दो बजे पूर्वी मलाड इलाके के पिम्परीपाड़ा स्थित एक परिसर की दीवार ढह गई और पास की झुग्गियों में रहने वाले लोग उसकी चपेट में आ गए।

पुणे में भी हादसा
वहीं पुणे के अम्बेगांव इलाके में एक शैक्षणिक संस्थान की दीवार उसके पास बनी अस्थायी झोंपड़ियों पर गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं मंगलवार तड़के ठाणे जिले के कल्याण में एक दीवार गिरने तीन लोगों की जान चली गई।
हवाई उड़ाने रद्द
खराब मौसम के चलते मुम्बई के ‘छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ पर 54 विमानों को दूसरी जगह भेजना पड़ा और 52 उड़ाने रद्द कर दी गईं। हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण जयपुर से आ रहा ‘स्पाइसजेट’ का एक विमान मुंबई हवाई अड्डे के मुख्य रनवे से फिसलते हुए उससे नीचे उतर गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
मध्य रेलवे ने पटरियों पर पानी भरने के कारण कुछ ही मार्गों पर ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुनील उदासी ने कहा कि आरपीएफ जवानों की मदद से मध्य रेलवे ने आधीरात को चलने वाली ट्रेन (लोकल) में फंसे हजारों यात्रियों को निकाला और कई स्टेशनों पर चाय, बिस्कुट और अन्य खाद्य पदार्थ भी बांटे।
मध्य रेलवे के अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण मध्य एवं पश्चिमी रेलवे ने लंबी दूरी की 20 से अधिक ट्रेनें या तो रद्द कर दी हैं या फिर उन्हें मुंबई से बाहर स्टेशनों पर ही रोक दिया है। बिजली कंपनियों ने भी एहतियात के तौर पर मुम्बई के कुछ उपनगरीय इलाकों में आपूर्ति को निलंबित कर दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने बीएसससी आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और स्थानीय निकाय अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। फड़णवीस ने बीएमसी और मुंबई पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे, सड़क यातायात और ऐसे क्षेत्रों की समीक्षा की, जहां अधिक ध्यान और सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है।’’
1000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में लगातार बारिश के कारण, चुनाभट्टी रेलवे स्टेशन और वकोला रोड के पास एयरपोर्ट कॉलोनी, वकोला जंक्शन, पोस्टल कॉलोनी में पानी भरने की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि मीठी नदी के उफान पर होने के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 1000 से अधिक लोगों को क्रांति नगर, कुर्ला से हटाया गया है। नौसैनिक अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय कुर्ला में एनडीआरएफ, नौसेना और दमकल विभाग ने एक साझा अभियान में करीब 1,000 लोगों को वहां से सुरक्षित निकाल कर आश्रय स्थल पहुंचाया।