अगर लोहिया की बात सही तो 25 साल तक तो प्रधानमंत्री रहेंगे नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को भी बजट पर चर्चा जारी रही और सत्ताधारी दल के सांसदों ने सरकार की नीतियों का बखान करते हुए बजट को जनता के कल्याणकारी बताया. बलिया से बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह बजट चर्चा के दौरान राम मनोहर लोहिया के एक बयान का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी के 25 साल तक प्रधानमंत्री रहने का दावा कर दिया.
दरअसल, लोकसभा में सोमवार को आम बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई जो आज भी जारी रही. इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए बलिया से बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस सदन में सत्ता में रहते हुए इंदिरा गांधी से लोहिया ने कहा कि था कि अगर तुम हिन्दुस्तान की महिलाओं को धुआं रहित चूल्हा दे दो, उनके लिए शौचालय बना दो, तो 25 साल कोई तुमको प्रधानमंत्री पद से हटा नहीं सकता. उन्होंने कहा कि यह बात संसद की कार्यवाही में भी दर्ज है.
इसके बाद सांसद ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह काम किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया. लेकिन बहुत अरसे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की माताओं-बहनों के लिए धुआं रहित चूल्हा दिया, उनके लिए शौचालय बनवाए. सांसद ने कहा कि अगर राम मनोहर लोहिया की बात सही है तो नरेंद्र मोदी को 25 साल तक तो प्रधानमंत्री रहना चाहिए. बीजेपी सांसद ने कहा कि इस सदन में सभी लोग लोहिया की कही बात को तो सही मानते ही हैं.
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह को मैं लोहिया का असली वारिस मानता हूं क्योंकि उन्होंने पिछली लोकसभा के आखिरी सत्र में ही कह दिया था कि नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज लोहिया के विचार पर चलने वाले लोग भटक गए. पहले बिहार में हाथी का मेला लगता था लेकिन अब मुलायम सिंह के अनुयायी लखनऊ में हाथी का मेला लगाते हैं.
1942 में ही आजाद हो गया था बलिया
अपने संसदीय क्षेत्र बलिया का जिक्र करते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरा बलिया 1942 में ही आजाद हो गया था क्योंकि वहां के किसान और कामगारों ने देश की आजादी के लिए 1942 में बलिदान दिया थे. उन्होंने कहा कि मेरा और जयप्रकाश नारायण का गांव एक ही है, वहां आज भी काफी राजनीतिक जागरुकता है. बलिया की आजादी की कहानी बताते हुए सांसद ने कहा कि वहां गांधीजी कम जाते थे लेकिन सुभाष चंद्र बोस ज्यादा जाया करते थे. उन्होंने बताया कि जेपी और सुभाष बाबू के कुछ पारिवारिक संबंध थे और इसी वजह से जब अंग्रेजों ने 1941 में बोस को नजरबंद कर दिया था तब वह बलिया आकर चुपके से रहने लगे थे.
लोकसभा में ठश्रच् सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस बलिया में किसानों के साथ काम करते थे और उसी का नतीजा हुआ कि 1942 में ही बलिया ने देश को आजादी का रास्ता दिखा दिया था. उन्होंने कहा कि बलिया विद्रोह की धरती है क्योंकि वहां के ऋषि-मुनियों में भी विद्रोह की ताकत थी. वहीं पर बोस ने पहली बार श्तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगाश् का नारा दिया था.