राशिफल और पंचांग

राशिफल 12 जुलाई 2019, शुक्रवार
सूर्योदय – प्रातः 05ः36 पर
सूर्यास्त – सायं 19ः13 पर

राहुकाल – सुबह 10ः42 से दोपहर 12ः26 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा
तिथि – एकादशी तिथि 12-13/7/2019 रात्रि 00ः30 तक तत्पश्तचात् द्वादशी तिथि
नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र दोपहर 15ः56 तक तत्पश्चात् अनुराधा नक्षत्र
चन्द्रराशि – तुला राशि सुबह 09ः56 तक तत्पश्चात् वृश्चिक राशि
शुभसमय – अभिजित सुबह 11ः58 से दोपहर 12ः54 तक
भद्रा – दोपहर 12ः46 से 12-13/7/2019 रात्रि 00ः30 तक
पंचक – नहीं है
पर्व – देवशयनी एकादशी व्रत/देवशयनोत्सव

मेष – गुरु के प्रभाव से उसके व्ययेश होने के कारण भाग्योन्नति में बहुत बाधाएं आयेंगी तथा अपयश प्राप्त होगा परन्तु स्वास्थ्य से सम्बन्धित परेशानियाँ दूर होंगी, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से अधिक व्यय होगा एवं बाहरी स्थानों से विशेष सम्बन्ध बनेगा, सातवीं दृष्टि से धन एवं कुटुम्ब की समान्य वृद्धि होगी तथा नवीं दृष्टि से माता, भूमि तथा मकान का सुख भी प्राप्त होगा।
वृष – गुरु के प्रभाव से जीवनसाथी तथा व्यवसाय के क्षेत्र में कुछ कठिनाईयाँ उपस्थित होंगी परन्तु पुरात्तव का लाभ होगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से आय के नए स्त्रोत प्राप्त होंगे, सातवीं दृष्टि से शारीरिक थकान एवं दुर्बलता बनेगी, नवमी दृष्टि से भाई-बहन के सुख, धैर्य तथा पराक्रम की वृद्धि होगी।
मिथुन – गुरु के प्रभाव से शत्रुपक्ष पर विजय प्राप्त होगी, साथही जीवनसाथी से कुछ मतभेदों के साथ सहयोग मिलेगा तथा पिता पक्ष से कुछ विरोध के साथ सहयोग मिलेगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से राज्य द्वारा सम्मान एवं उन्नति के अवसर मिलेंगे, सावतीं दृष्टि से व्यय अधिक रहेगा एवं बाहरी स्थानों के सम्बन्ध से लाभ मिलेगा, नवीं दृष्टि से परिश्रम के द्वारा धन की वृद्धि होगी तथा कुटुम्ब से सहयोग प्राप्त होगा।
कर्क – गुरु के प्रभाव से विद्या, बुद्धि तथा संतान के पक्ष में विशेष सफलता मिलेगी तथा शत्रुपक्ष पर भी प्रभाव प्राप्त होगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से बुद्धि और संतान के सहयोग से भाग्य तथा धर्म की वृद्धि होगी, सातवीं दृष्टि से लाभ के क्षेत्र में कुछ असंतोष के बाद सफलता मिलेगी, नवीं दृष्टि से शारीरिक सौन्दर्य, आत्मबल एवं सुयश प्राप्त होगा, प्रत्येक क्षेत्र में कुछ परेशानियों के साथ सफलता अवश्य मिलेगी।
सिंह – गुरु के प्रभाव से माता, भूमि एवं मकान के सुख में कमी प्राप्त होगी परन्तु संतान एवं विद्या के पक्ष से लाभ होगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से स्वास्थ्य से सम्बन्धित परेशानी दूर होगी, सातवीं दृष्टि से पिता से वैमनस्य रहेगा तथा राजकीय क्षेत्र से भी पूर्ण लाभ नहीं होगा, नवीं दृष्टि से व्यय अधिक होगा परन्तु बाहरी स्थानों के सम्बन्ध से लाभ एवं सुख प्राप्त होगा।
कन्या – गुरु के प्रभाव से भाई-बहनों का सुख मिलेगा तथा पराक्रम में भी वृद्धि होगी साथही माता, भूमि एवं मकान आदि का सुख भी मिलेगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से जीवनसाथी तथा व्यवसाय के पक्ष में कुछ सफलता मिलेगी, घरेलू सुख में वृद्धि होगी, सातवीं दृष्टि से भाग्यक्षेत्र तथा धर्मिक क्षेत्र में रूकावटों के साथ उन्नति होगी, नवीं दृष्टि से आमदनी के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी।
तुला – गुरु के प्रभाव से पुरूषार्थ द्वारा धन की वृद्धि करेंगे, परन्तु भाई-बहनों के सुख में कमी आयेगी, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से धन तथा शक्ति के वल पर शत्रु पक्ष पर प्रभाव प्राप्त करेंगे, सातवीं दृष्टि से पुरातत्व की सामान्य शक्ति प्राप्त होगी तथा आयु की वृ(ि होगी, नवीं दृष्टि से राज्य द्वारा सम्मान, पिता द्वारा सुख तथा व्यवसाय में सफलता एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।
वृश्चिक – गुरु के प्रभाव से शारीरिक शक्ति, सौन्दर्य, प्रभाव एवं प्रतिष्ठा को प्राप्त करेंगे, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से विद्या, बुद्धि एवं संतान के पक्ष में सफलता मिलेगी, सातवीं दृष्टि से जीवनसाथी से कुछ मतभेद रहेगा तथा व्यावसायिक क्षेत्र में सामान्य कठिनाईयाँ आयेंगी, नवीं दृष्टि से भाग्य क्षेत्र में विशेष उन्नति होगी तथा धार्मिक क्षेत्र के कार्यों का पालन भी करेंगे।
धनु – गुरु के प्रभाव से व्यय अधिक रहेगा परन्तु बाहरी स्थानों के सम्बन्ध से सुख प्राप्त होगा, भ्रमण करना पड़ेगा तथा शारीरिक कमजोरी बनेगी, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से माता, भूमि एवं मकान का सुख प्राप्त होगा, सातवीं दृष्टि से शत्रुपक्ष में अपनी बु(िमानी से प्रभाव स्थापित करेंगे तथा झगड़ो में शान्तिपूर्वक काम निकालकर सफलता पायेंगे, नवीं दृष्टि से स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, जल्दबाजी से बचें।
मकर – गुरु के प्रभाव से आमदनी खूब होगी परन्तु गुरु के व्ययेश होने के कारण उसमें कुछ कठिनाईयाँ भी आयेंगी, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से भाई-बहन एवं पराक्रम की शक्ति में वृद्धि होगी, सातवीं दृष्टि से संतान पक्ष से कुछ असंतोष रहेगा परन्तु विद्या, बुद्धि एवं वाणी की शक्ति प्राप्त होगी, नवीं दृष्टि से जीवनसाथी तथा व्यवसाय के क्षेत्र में विशेष सफलता मिलेगी।
कुम्भ – गुरु के प्रभाव से पिता द्वारा शक्ति, राज्य द्वारा सम्मान तथा व्यवसाय द्वारा धन एवं सफलता का यथेष्ट लाभ होगा, बड़ी शान से रहेंगे, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से धन एवं कुटुम्ब की वृद्धि होगी, सातवीं दृड्ढि से माता का सुख एवं भूमि एवं भवन का यथेष्ट लाभ होगा, नवीं दृष्टि से शत्रुपक्ष पर बड़ाभारी प्रभाव रखेंगे तथा झगड़े झंझटों के मार्ग से सफलता एवं लाभ की प्राप्ति होगी।
मीन – गुरु के प्रभाव से भाग्य तथा धर्म की विशेष उन्नति होगी, राज्य, पिता एवं व्यवसाय के पक्ष में भी अत्याधिक सफलता, यश, सम्मान, लाभ तथा सुख प्राप्त होगा, गुरु की पाँचवीं दृष्टि से शारीरिक सौन्दर्य, प्रभाव, यश, तथा स्वाभिमान में वृद्धि होगी, सातवीं दृष्टि से भाई-बहनों का सुख मिलेगा तथा पराक्रम की वृ(ि होगी, नवीं दृष्टि से विद्या, बुद्धि की श्रेष्ठ शक्ति प्राप्त होगी, संतान पक्ष से भी सुख मिलेगा

ज्योतिर्विद्
पं. गगन भारद्वाज
आत्मज पं. राजेगुरु जी (ज्योतिषाचार्य)
7, आनन्द विहार कालोनी,
हार्टमैन तिराहा, नैनीताल रोड,
नाथ नगरी, बरेली
70600-89446