हिटलर की पसंदीदा कार बीटल 80 साल बाद हुई बंद

न्यूयॉर्क। जर्मन तानाशाह हिटलर की पसंदीदा कार बीटल का उत्पादन बंद हो रहा है। एक समय इस कार ने आम लोगों की कार के तौर पर दुनियाभर में धूम मचायी थी। पिछले 80 साल से इसने दुनियाभर की सड़कों पर खास पहचान बनाई है। करीब 8 दशकों से फोक्सवैगन की लाइनअप में मौजूद आइकॉनिक कार बीटल ने अब अलविदा कह दिया है। फोक्सवैगन की आखिरी बीटल कार बुधवार को मेक्सिको में कंपनी की फैक्ट्री से बनकर निकली। डेनिम ब्लू कलर की यह कार बेची नहीं जाएगी, बल्कि इसे पैब्ला में फोक्सवैगन के लोकल म्यूजियम में रखा जाएगा।
फोक्सवैगन ने 1930 के दशक के अंत में बीटल कार लॉन्च की थी। अमेरिका में यह कार करीब 50 लाख यूनिट बेची गई है। वहीं, दुनिया भर में कुल 2.15 करोड़ बीटल कारें बिकी हैं। साल 1998 में कंपनी ने नई यानी सेकंड जनरेशन बीटल लॉन्च की। साल 1998 से 2010 के बीच 12 लाख से ज्यादा नई जनरेशन बीटल बिकी। इसके बाद साल 2011 में फोक्सवैगन ने थर्ड यानी वर्तमान जनरेशन बीटल लॉन्च की। थर्ड जनरेशन बीटल अभी तक 5 लाख से ज्यादा बनाई जा चुकी है।
कई कलर और एडिशन्स में आई बीटल
सेकंड और थर्ड जनरेशन बीटल को कूप और कनवर्टिबल, दोनों वेरियंट में बेचा गया है। इन दोनों जनरेशन को मिलाकर यह कार 23 एक्सटीरियर कलर, 32 तरह के इंटीरियर, 13 अलग-अलग इंजन कॉन्फिगरेशन और 19 स्पेशल एडिशन में बाजार में उतारी गई है। इन बीटल कारों को दुनिया भर के 91 मार्केट्स में बेचा गया है।
अमेरिका में फोक्सवैगन ग्रुप के सीईओ हिनरिक वोएबकेन ने एक बयान जारी करके कहा, हम अमेरिकी परिवारों की जरूरत के हिसाब से उपयुक्त वाहनों और इलेक्ट्रिफिकेशन पर ध्यान दे रहे हैं। हालांकि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि कभी भी, कभी नहीं कहना चाहिए।
उन्होंने कहा, तीन पीढ़ियों और करीब सात दशकों से अधिक समय बाद बीटल का बंद होना इसके समर्पित प्रशंसकों की भावनाओं को स्पंदित करेगा। फोक्सवैगन ने कहा कि उसकी योजना बीटल के दो अंतिम संस्करण पेश करने की है। इसकी कीमत 23,045 डॉलर और इससे अधिक हो सकती है।
हिटलर के समर्थन से तैयार हुई थी बीटल
नाजी जर्मनी में अवतरित यह कार कालांतर में एक वैश्विक परिघटना बनकर उभरी। फर्डिनांड पॉर्श ने इसे हिटलर के समर्थन से विकसित किया था। पॉर्श ने हिटलर के संरक्षण में 1937 में सार्वजनिक वाहन कंपनी फोक्सवैगनवर्क यानी आम लोगों की कार बनाने वाली फैक्ट्री (कंपनी) गठित की थी।
दूसरे विश्वयुद्घ के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी के वाहन उद्योग को बदहाली से बाहर निकालने के लिए फोक्सवैगन को प्राथमिकता दी। दी लव बग से मिली लोकप्रियता सेडान बीटल को अमेरिका में पहली बार 1950 के दशक में उतारा गया था। नाजी जर्मनी से जुड़ाव के कारण तब इसकी बिक्री काफी कम रही थी।
चैनल हिस्ट्री के मुताबिक विज्ञापन एजेंसी डॉयले डेन बर्नबैक ने 1959 में इस कार को नए सिरे से पेश किया और इसके छोटे आकार को उपभोक्ताओं के लिए फायदा बताकर प्रचारित किया। कार को डिज्नी की 1968 की फिल्म ‘दी लव बग’ से खासी लोकप्रियता मिली। इस फिल्म में एक ऐसी फोक्सवैगन कार की कहानी थी, जो खुद सोच सकती थी। अंतिम बीटल एलबम ‘एब्बी रोड’ की पृष्ठभूमि में भी यह सबसे मुख्य कार रही थी।