वज्रासन के बाद चालक बस चलाएं

लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस वे पर दो दिन पहले रोडवेज की बस गिर जाने से हुई दुर्घटना के बाद यूपी सरकार की ताबड़ तोड़ बैठकों का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया है अगर एक्सप्रेस वे पर गाड़ियां तेज चलें तो उनका ई चालान कर दिया जाए। इसके लिए पुलिस विभाग गति नापने के लिए स्पीड गन खरीदेगा। वहीं एक नया फार्मूला लागू करने जा रहे हैं। इसके तहत वाहन चालक यात्रा के दौरान रास्ते में खाना खाने के बाद या तो ढाबे पर आधे घंटे विश्राम करेंगे या फिर वज्रासन के बाद ही बस चलाएंगे। बैठक में परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला, परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि हर वाहन चालक को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। अगर कोई भी कोताही पाई गई तो सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए हर महीने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों की बैठक होगी। उसके बाद जिले स्तर पर सड़क सुरक्षा की बैठक हर महीने होगी। उस बैठक में समीक्षा की जाएगी कि आखिर ये दुर्घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं।

अवनीश अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी ने कहा है कि एक्सप्रेस वे पर फरर्राटेदार सड़क होने के कारण अक्सर लोग स्पीड की सीमा भूल जाते हैं और जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। वहां पर हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ई चालान करने की व्यवस्था के आदेश उन्होंने दिए। अवस्थी ने बताया कि अगर ओवर स्पीडिंग की तो ई चालान किया जाएगा।

प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बात पर आश्वर्य व्यक्त किया है कि बिना अराम कराए ड्राइवरों से 12-12 घंटे गाड़ियां चलवाई जा रही थीं। इसके लिए उन्होंने यह निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के मानकों को देखते हुए रोडवेज वाहन चालकों को पांच घंटे के बाद रेस्ट दिया जाए। इससे ड्राइवर भी स्वस्थ्य रहेगा और दुर्घटनाएं भी कम होंगी। उन्होंने बताया कि अब रोडवेज ड्राइवरों की स्क्रीनिंग और मेडिकल टेस्टिंग समय समय पर की जाएगी।