जवाहिरी के वीडियो पर विदेश मंत्रालय ने कहा, ऐसी धमकियां हम सुनते रहते हैं

नई दिल्ली । आतंकी संगठन अल-कायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी की धमकी को विदेश मंत्रालय ने कोरी धमकी करार दिया है। जवाहिरी के वीडियो को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ऐसी धमकियां हम सुनते रहते हैं, मुझे नहीं लगता इनको गंभीरता से लेना चाहिए। हमारे सुरक्षा बल के पास पर्याप्त संसाधन हैं और हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने में सक्षम हैं।
बता दें कि अल जवाहिरी ने अपने वीडियो में कश्मीर को लेकर भारत को गीदड़ भभकी दी थी। जवाहिरी ने डोन्ट फॉरगेट कश्मीर नाम से एक संदेश जारी कर घाटी के आतंकियों का गुणगान किया।अलकायदा की मीडिया विंग अस-साहाब ने जवाहिरी का जो संदेश जारी किया उसमें आतंकी जाकिर मूसा की भी फोटो भी लगाई गई थी जो कश्मीर में अलकायदा की भारतीय शाखा अंसार गजावत उल हिंद का संस्थापक था। जवाहिरी ने अपने संदेश में भारत में सुरक्षाबलों पर हमले के लिए नई भर्ती करने की योजना का भी खुलासा किया।
वहीं अमेरिका के साथ व्यापार के मुद्दे पर चल रहे विवाद पर रवीश कुमार ने कहा कि अमेरिका के साथ बैठक जारी है, दोपहर के खाने के बाद एक बैठक थी, यह फिर शुरू होगी। ओसाका में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के समय यह फैसला लिया गया था कि दोनों देशों के अधिकारी मुलाकात करेंगे और व्यापार संबंधी सभी बाकी बचे मुद्दों को हल करेंगे।
वहीं, करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर रवीश ने कहा, हम चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा हो जाए। जहां तक इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात है, दो पहलुओं पहलुओं पर काम चल रहा है। इनमें से एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल है और एक चार लेन का हाईवे है, जो करतारपुर कॉरिडोर के जीरो पॉइंट को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगा।
रवीश ने कहा, हमें उम्मीद है कि दोनों प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा हो जाएगा। यात्री टर्मिनल सितंबर 2019 तक और हाईवे का काम अक्तूबर 2019 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसलिए ऐसी रिपोर्ट्स जो यह बता रही हैं कि हमारे प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहे हैं, ये गलत हैं।
उन्होंने कहा कि हम न केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी पहलुओं को बल्कि एक पुल के निर्माण को भी पाकिस्तान के सामने रख चुके हैं। मुझे लगता है कि कुछ चर्चा चल रही है कि पुल बनना चाहिए या पक्की सड़क का निर्माण होना चाहिए।