सरकारी अस्पताल में फेल, प्राइवेट में पास हुईं किडनी

  • रोगी को जिला अस्पताल से भगाया

बरेली (नमस्कार न्यूज)। प्रदेश सरकार रोगियों को उचित इलाज दिलाने का दम भर रही है। वहीं जिला अस्पताल बरेली में रोगियों के स्वास्थ्य के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। अस्पताल में भर्ती एक रोगी की जिला अस्पताल में तीन बार जांच हुई। तीनों में रोगी की किडनी खराब बताई गईं, जबकि प्राइवेट अस्पताल में रोगी की किडनी सही निकली। यही नहीं अस्पताल के एक डाॅक्टर ने रोगी को बेड से हटाकर फर्श पर लिटा दिया। 
जिला अस्पताल में सुनील सक्सेना को उनके परिजनों ने चार जुलाई को भर्ती कराया। सुनील का इलाज कर रहे एक डाॅक्टर ने तीन बार जांच कराई। तीनों बार सुनील की किडनी को जांच में खराब बताया गया। इसके बाद डाॅक्टर ने सुनील की बेटी नेहा सक्सेना से कहा कि इन्हें घर ले जाओ और बेड खाली करो। इस पर उनकी बेटी ने कहा कि घर से अन्य परिजन आ जाएं, तब वह उन्हें ले जाएंगे। इस पर इलाज कर रहा डाॅक्टर बिफर गए। उन्होंने रोगी को जमीन पर लिटाने को कहा। इस पर सुनील की बेटी नेहा ने ऐतराज जताया तो इलाज कर रहा डाॅक्टर गालियां देने लगा। इसके बाद सुनील के परिजन उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां जांच कराने पर पता चला कि रोगी की दोनों किडनी सही है और बेहतर कार्य कर रही हैं। परिजनों को कहना है कि जिला अस्पताल में रोगियों के साथ हो रही अभद्रता की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करेंगी। 

सीएमएस ने भी नहीं दिया ध्यान
रोगी को परेशान करने के संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस से जब बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जबाव दिया। पहले तो कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इसके बाद डाॅक्टर का पक्ष लेने लगे। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ इतना कहा कि बात करुंगा। इसके अलावा कुछ नहीं बोले। अस्पताल के सीएमएस के इस बयान से लगता है कि डाॅक्टर का रसूख सत्ताधारियों से अच्छा है। 

मामले की जानकारी नहीं है। यदि किसी से अभद्रता की है तो उसके लिए क्षमा चांहता हूं। डाॅक्टर को समझाऊंगा। यदि किसी को कष्ट हुआ है तो फिर से क्षमा चांहता हूं। – डाॅ , सीएमएस