सहकारिता विभाग निभा रहा किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका

बरेली (नमस्कार न्यूज)। यूपी में किसानों की आय वृद्धि करने में सहकारिता विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब पोल्ट्री, फिशरीज, वानिकी, हार्टीकल्चर, पशुपालन, खाद्य व अखाद्य तेलों, पशु आहार, ग्रामीण शिल्प व खेती बाड़ी से जुड़ी गतिविधियों को भी सम्मिलित करते हुए सहकारिता विभाग सहयोग दे रहा है। निश्चित ही इससे सहकारिता की परिधि और उसका दायरा बढ़ा है। इससे गावों और किसानों का काफी लाभ हुआ है।

सहकारिता विभाग के अन्तर्गत विशेष रूप से निर्बल वर्ग के किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण, उर्वरक एवं उन्नतशील बीज कृषियन्त्र आदि का वितरण कम दर पर किया जाता है। इसमे प्रदेश स्तर पर उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड लखनऊ की जिला स्तर पर 50 जिला सहकारी बैंक और न्याय पंचायत स्तर पर 7,479 प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इसके साथ ही दीर्घकालीन ऋण वितरण का कार्य भी सहकारी ग्राम विकास बैंक की कुल 323 शाखाओं के माध्यम से किया जाता है। किसान अपने कृषि कार्यो के लिए सहकारी संस्थाओं से आवश्यकतानुसार ऋण लेकर अपनी खेती बेहतर ढंग से करते हुए अपना विकास करते हैं।

सहकारी संस्थायें किसानों को ऋण प्रदान करती है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि किसानों को ऋण प्रदान करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसको ध्यान में रखते हुए सहकारिता विभाग के अन्तर्गत सहकारी संस्थायें किसानों की आय वृद्धि हेतु निरन्तर प्रयास कर रही है।  इस कार्य के लिए किसान क्रडिट कार्ड योजना लागू की गई है। यू0पी0 कोआपरेटिव बैंक द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए अल्पकालीन ऋण वितरण लगभग 5163.17 करोड़ किया गया, 15 जून तक के ऋण वितरण से कुल 15.45 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2018-19 में दीर्घ कालीन ऋण वितरण 15 जून तक 119.61 करोड़ रूपये का वितरित करते हुए किसानों को लाभान्वित किया गया है। सहकारिता विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है। किसानों को इससे लाभ भी हो रहा है।