अपनी गिरफ्तारी पर अमित शाह ने कहा था- मैं समंदर हूं, लौटकर जरूर आऊंगा

नई दिल्ली। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर कई तरह की प्रतिक्रिया आ रही है. खासकर सोशल मीडिया पर इस मसले पर लोग खुलकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। इसी कड़ी में इस पूरे प्रकरण को गृहमंत्री अमित शाह से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यूपीए के शासन के दौरान अमित शाह को इसी तरह से सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। अमित शाह को जेल में रहना पड़ा था. उनके गुजरात जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी।
अब लोग कह रहे हैं कि वक्त बदल गया है, जिस खेल में कभी कांग्रेस ने बीजेपी के दिग्गज नेता को शिकस्त दी थी, उसमें अब कांग्रेस के फायरब्रांड नेता को मुंह की खानी पड़ रही है। 7 साल बाद ही पूरा खेल बदल गया है। इसी कड़ी में अमित शाह के उस शेर को भी याद किया जा रहा है, जो 2012 में उन्होंने गुजरात वापस लौटने पर बोला था।
सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि ये शह और मात का खेल है, जिसमें इस बार बाजी बीजेपी के हाथ में है।
बात 9 साल पुरानी है। देश में उस वक्त यूपीए 2 का शासन चल रहा था। पी चिदंबरम देश के गृहमंत्री हुआ करते थे। 2008 के मुंबई ब्लास्ट के बाद शिवराज पाटिल को हटाकर पी चिदंबरम को गृहमंत्रालय की कमान दी गई थी। उस वक्त सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामला सुर्खियों में था। इस मामले में सीबीआई ने अमित शाह को आरोपी बनाया था।
25 जुलाई 2010 को इस मामले में अमित शाह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी से पहले अमित शाह ने बीजेपी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया था। उन्होंने कहा था कि न्यायपालिका में ये मामला टिक नहीं पाएगा।
सीबीआई की गिरफ्तारी से पहले अमित शाह भी 4 दिनों तक लापता रहे थे। इस मामले में अमित शाह को 3 महीने तक जेल में रहना पड़ा था। उन्हें 29 अक्टूबर 2010 को जमानत मिली। लेकिन जमानत के बाद भी उनके गुजरात जाने पर पाबंदी लगा दी गई।
2 साल बाद गुजरात लौटने पर अमित शाह ने पढ़ा था शेर
2012 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें गुजरात जाने की इजाजत मिली। गुजरात लौटने पर उन्होंने एक मीटिंग में हिस्सा लिया था। मीटिंग में अमित शाह ने एक शेर पढ़ा. वो शेर कुछ इस तरह से था-
मेरा पानी उतरता देख
किनारे पर घर मत बना लेना
मैं समंदर हूं
लौटकर जरूर आऊंगा।

इस शेर को आज के हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। उस वक्त पी चिदंबरम देश के गृहमंत्री थे और अमित शाह सीबीआई के शिकंजे में। आज अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं और पी चिदंबरम सीबीआई के घेरे में। 9 साल बाद मामले ने यू टर्न ले लिया है।
सीबीआई ने पी चिदंबरम को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने चार दिन के लिए रिमांड दे दी।
9 साल पहले बीजेपी अमित शाह की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बता रही थी। आज कांग्रेस सीबीआई की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रही है।