राम जेठमलानी का 95 की उम्र में निधन

  • इंदिरा-राजीव गांधी के हत्यारों के केस लड़ने के बाद हुए थे प्रसिद्ध,
  • देश में सबसे कम उम्र और सबसे अधिक उम्र के वकील होने का रिकॉर्ड,
  • 19 साल की उम्र में वकालत शुरू की, 77 साल इस पेशे में रहे,
  • 2004 में अटलजी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा
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नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रविवार को सुबह 7.45 बजे दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। राम जेठमलानी पिछले दो हफ्ते से गंभीर रूप से बीमार थे। जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय कानून मंत्री के अलावा शहरी विकास मंत्री रहे। वर्तमान में बिहार से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने उन्हें घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके निधन पर दुख जताया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि राजनीति में धूर्त लोग ज्यादा है। मेरा मकसद राजनीति से भ्रष्टाचार खत्म करना है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के निधन पर दुखी हूं। वह सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते थे। देश ने विद्वान और प्रसिद्ध कानूनविद खोया है।”
जेठमलानी के निधन पर मोदी ने कहा- हमने असाधारण वकील खो दिया है। वे मजबूती से अपनी बात रखने में कभी पीछे नहीं हटे। जेठमलानी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे।

अमित शाह ने कहा- वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। हमने एक असाधारण वकील ही नहीं, बल्कि एक महान इंसान भी खोया है।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राम जेठमलानी के निधन पर दुख प्रकट किया। उन्होंने उनके परिवार और स्नेहजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
केजरीवाल ने कहा- राम जेठमलानी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। इतिहास में उनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘पूर्व कानून मंत्री के निधन का बहुत दुख है। वे हमेशा अपनी बुद्धिमत्ता, ताकतवर जिरह और कानून की बेहतरीन समझ के लिए जाने जाएंगे।’’
जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि जेठमलानी ने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली। महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी। उनके बेटे ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। उनका अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया गया।
हाईप्रोफाइल मामलों लंबी फेहरिस्त
जेठमलानी ने जोधपुर जेल में बंद बलात्कार के आरोपी आसाराम केस, अरविंद केजरीवाल के लिए जेटली मानहानि केस, 2011 में राजीव गांधी के हत्यारे का केस, इंदिरा गांधी के हत्यारे का केस, जयललिता के लिए बेहिसाब प्रॉपर्टी केस, हर्षद मेहता और केतन पारेख का स्टॉक मार्केट घोटाला, मुंबई माफिया हाजी मस्तान का हवाला घोटाला, जेसिका लाल हत्‍याकांड में मनु शर्मा का केस लड़ा।
वे लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, अमित शाह, कनिमोझी, वाईएस जगमोहन रेड्डी, येदियुरप्पा, रामदेव और शिवसेना के लिए भी केस लड़े। इसके अलावा संसद हमले में फांसी की सजा पा चुके अफजल गुरु के भी वकील रहे।