शरद पूर्णिमा और कृष्ण

भगवान श्रीकृष्‍ण शरद पूर्णिमा की रात हर गोपी के लिए कृष्‍ण बने थे। पूरी रात श्रीकृष्‍ण ने गोपियों के साथ नृत्य किया, जिसे महारास के नाम से जाना जाता है। साथ ही इस महारास में भगवान कृष्ण ने कामदेव की सुदंरता का घमंड भी तोड़ा था। इस दिन रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है।