जिंदा लोगों का ‘अंतिम संस्कार’, इस तरह ‘मौत को महसूस’ कर रहे लोग

सियोल। दुनिया भर में वैसे तो मरने के बाद लोगों को दफन करने या दाह-संस्कार की प्रथा है। लेकिन, दक्षिण कोरिया में जिंदा लोगों को ही कब्र में लिटाने की प्रथा परवान चढ़ रही है। यहां लोगों को पूरे विधि-विधान के साथ 10 मिनट तक कब्र में लेटाया जा रहा है। 2012 से शुरू होने वाले ह्मोवोम हीलिंग सेंटर द्वारा आयोजित कराए गए अंतिम संस्कार में अभी तक 25 हजार लोग हिस्सा ले चुके हैं। इसका एक मात्र उद्देश्य यह है कि लोग कब्र में लेटकर मौत को महसूस कर सकें और इसके बाद अपने वर्तमान को ठीक तरीके से जिएं।

अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने वाले 75 वर्षीय चाओ जी-ही ने एक मीडिया रिपोर्ट में बताया, “एक बार जब आप मौत के प्रति उत्सक होते हैं और उसे महसूस करते हैं, उसके बाद आप जीवन के प्रति अलग ही नजरिया इख्तियार कर लेते हैं।” डाइंग वेल नाम के इस कार्यक्रम में टीनएज से लेकर बूढ़े-बुजुर्ग तक शामिल हो चुके हैं। इसमें हिस्सा लेने वालों को 10 मिनट तक कब्र में विधि-विधान के साथ लेटाया जाता है।