प्रयागराज में इस बार झूंसी की ओर बसेगा माघ मेला

प्रयागराज। माघ मेला करीब आने के साथ ही मेले की बसावट का ब्लू प्रिंट भी तैयार होने लगा है। गंगा की बाढ़ उतरने के बाद ज्यादातर हिस्सा झूंसी की ओर निकला है। ऐसे में इस बार फिर मेला झूंसी की ओर बसाया जाएगा। कल्पवासी क्षेत्र, खाक चैक, संस्थाओं को जमीन गंगापार देने की योजना बनाई जा रही है।

नागवासुकि के पास ही कल्पवासी क्षेत्र और दंडीबाड़ा बनाने की तैयारी है जबकि त्रिवेणी मार्ग पर शंकराचार्य चैक व बड़ी संस्थाओं को जमीन देने की योजना बन रही है। शंकराचार्य चैक के दाहिनी ओर संगम के करीब खाकचैक बनाया जाएगा जबकि अक्षयवट थाने की ओर प्रशासन की व्यवस्था, गंगासेना का शिविर और ओम वाहि गुरु जैसी संस्थाओं को जमीन देने की तैयारी है। इसी रास्ते से संगम लोअर मार्ग भी निकाला जाएगा। इस बार कुल पांच पांटून पुलों का ही निर्माण कराया जा रहा है। पहले लोक निर्माण विभाग ने सात पुलों का प्रस्ताव दिया थ लेकिन शासन की ओर से बजट में कटौती का प्रस्ताव दिए जाने के बाद पांटून पुल पांच ही बनाए जाएंगे।

सामान्य माघ मेला अब तक पांच सेक्टरों में बसाया जाता था। मेला प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में तय हुआ कि मेला इस बार छह सेक्टरों में बसाया जाए। नया सेक्टर झूंसी की ओर ही बनाया जाएगा। तैयारी है कि इसमें नई संस्थाओं को जमीन देने की तैयारी है।