अयोध्या बनेगी सबसे बड़ी धर्मनगरी, बनेंगे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा व होटल, सरयू में चलेगा क्रूज

अयोध्या। राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अयोध्या के विकास की बात शुरू हो गई है. शुरुआती दौर में अयोध्या नगर निगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है. अयोध्या नगर निगम अब अपने क्षेत्र का विस्तार करने जा रहा है. इसके लिए नगर निगम ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है. नगर निगम से सटे 41 राजस्व गांव अब अयोध्या नगर निगम में शामिल होंगे.

वहीं दूसरी तरफ अयोध्या को धर्मनगरी के तौर पर विकसित करने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया जा रहा है. योगी सरकार की कोशिश है कि अयोध्या को देश का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनाया जाए. इसके लिए अयोध्या तीर्थ डेवलपमेंट बोर्ड गठित किया जा रहा है. माना जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कई चरण होंगे, जिसमें शुरुआती चरण में ही 4 साल लगने हैं.

शहर के विकास के साथ ही योगी सरकार की कोशिश है कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट भी स्थापित किया जाए ताकि दुनिया भर से श्रद्धालु सीधे राम नगरी में उतर सकें. अगले साल राम नवमी तक इसकी शुरुआत हो जाए इसको लेकर कोशिशें शुरू हो गई हैं. बता दें अयोध्या रेलवे स्टेशन के लिए मोदी सरकार पहले ही 100 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. मामले में अयोध्या के मेयर राकेश उपाध्याय कहते हैं कि सरकार अयोध्या के बड़े स्तर पर विकास के लिए योजनाओं का खाका खींच रही है. जल्द ही इसे अंतिम रूप देकर सार्वजनिक किया जाएगा. कुछ प्रमुख योजनाओं की बात करें तो अयोध्या में एक नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा, जहां से 3000 से 4000 बसें चलाने की योजना है.

सूत्रों के अनुसार भगवान राम के जीवन पर आधारित एक 13 किलोमीटर लंबा श्रीराम कॉरिडोर भी बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संस्कृति और पर्यटन विभाग को दी गई है. यही नहीं वाराणसी में गंगा की तरह अयोध्या में सरयू नदी में क्रूज चलाने का प्रस्ताव है. ये क्रूज श्रद्धालुओं, पर्यटकों को अयोध्या के विभिन्न स्थलों का दौरा कराएगा. यही नहीं इस धर्मनगरी में विश्वस्तरीय फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट भी होंगे, जो विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधा मुहैया कराएंगे.

उधर अयोध्या नगर निगम की योजना के अनुसार नगर निगम सीमा से सटे कुछ प्रमुख संस्थान जैसे अयोध्या श्री राम एयरपोर्ट, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम व पॉलीटेक्निक अब अयोध्या नगर निगम में शामिल होंगे. गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार ने अयोध्या में विकास के लिए सरकार बनते ही कवायद शुरू कर दी थी, लेकिन अब राम मंदिर निर्माण के फैसले के बाद विकास की बात तेजी से शुरू हो चुकी है. इसकी जिम्मेदारी शुरुआत में अयोध्या नगर निगम को दी गई है.

अयोध्या नगर निगम से सटे हुए 41 राजस्व गांव अब निगम में शामिल किए जाएंगे जिससे अयोध्या नगर निगम का क्षेत्रफल बढ़ जाएगा. अयोध्या नगर निगम के विकास के लिए राज्य सरकार तेजी से प्रयास कर रही है. पहले नगर निगम में केवल 60 वार्ड थे. फैजाबाद अयोध्या जुड़वा शहर मिलाकर यह 60 वार्ड थे, लेकर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद नगर पालिका से नगर निगम बनाया गया था. नगर निगम के विस्तारीकरण की योजना बहुत पहले बनाई गई थी. पहले नगर निगम के केवल 22 गांवों को शामिल करना था, लेकिन अब बदले परिवेश में नगर निगम से सटे 41 गांव को नगर निगम में शामिल किया जा रहा है.