करॉना वायरस क्या है, कैसे फैलता है, किसे ज्यादा रिस्क है, ऐसे सभी सवालों के जवाब, यहां जानें

डब्ल्यूएचओ ने करॉना वायरस को इंटरनैशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। लोगों के मन में इस बीमारी को लेकर सवाल, डर, भ्रम और कन्फ्यूजन का माहौल है। अगर आपके मन में भी करॉना वायरस को लेकर किसी भी तरह का सवाल है तो यहां जानें, सभी का जवाब।
दुनियाभर में सबसे तेजी से फैलने वाला जानलेवा इंफेक्शन बन चुका है करॉना वायरस। अकेले चीन में 20 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, 426 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। चीन के बाहर हॉन्ग कॉन्ग में भी करॉना वायरस से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है। भारत में भी केरल प्रदेश में करॉना वायरस के 3 केसेज की पुष्टि हो चुकी है और केरल में तो करॉना को राजकीय आपदा तक घोषित किया जा चुका है। दुनिया भर में करॉना के मामले लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने करॉना वायरस को इंटरनैशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। अब जब बीमारी इतनी बड़ी है तो जाहिर सी बात है कि लोगों के मन में इस बीमारी को लेकर सवाल, डर, भ्रम और कन्फ्यूजन का माहौल बना हुआ है। करॉना वायरस क्या है, कैसे फैलता है, किन लोगों को इंफेक्शन होने का रिस्क ज्यादा है, इस बीमारी का कोई इलाज है या नहीं, इस तरह के सवाल अगर आपके मन में भी हैं, तो यहां जानें, सभी का जवाब…

  1. क्या है करॉना वायरस ?
    करॉना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान शहर में शुरू हुआ था। करॉना वायरस, विषाणुओं के एक बहुत बड़े परिवार का हिस्सा है लेकिन इनमें से सिर्फ 6 विषाणु ही ऐसे हैं जो इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं। नोवेल करॉना वायरस यानी ये नया वायरस पहली बार सामने आया है जो इंसान को संक्रमित कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने इस नए करॉना वायरस को 2019-एनसीओवी नाम दिया है।
  2. क्या हैं करॉना वायरस के लक्षण ?
    इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो यह सामान्य सर्दी जुकाम या निमोनिया जैसा होता है। इस वायरस का संक्रमण होने के बाद बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या होती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में सामने आया था और तब से ये बड़ी तेजी से दूसरे देशों में भी पहुंच रहा है।
  3. क्या करॉना वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन है?
    अब तक ना तो कोई वैक्सीन है और ना बन सकी है जो इस जानलेवा करॉना वायरस से सुरक्षा प्रदान कर सके। स्टडीज चल रही हैं और अनुसंधानकर्ता इस बारे में रिसर्च कर रहे हैं, दवा निर्माता कंपनियां भी इस बीमारी का इलाज खोजने और इससे बचाव के लिए वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। डब्ल्यूएचओ भी करॉना को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और इसका इलाज खोजने की हर संभव कोशिश कर रहा है। फिलहाल इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है ऐहतियात बरतना।
  4. क्या एक इंसान से दूसरे में फैलता है करॉना वायरस ?
    करॉना वायरस आउटब्रेक की शुरुआत चीन के वुहान शहर स्थित सीफूड मार्केट से हुई थी और इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि सभी बड़े मामले जानवरों से ही फैले हैं। हालांकि अब नए केस जो सामने आ रहे हैं उससे यही लग रहा है कि करॉना एक इंसान से दूसरे में छूने से फैल रहा है। आसान शब्दों में समझें तो अगर किसी व्यक्ति को करॉना वायरस का इंफेक्शन हो गया है तो दूसरा व्यक्ति जो उसके संपर्क में आएगा उसे भी ये इंफेक्शन हो जाएगा।
  5. क्या मास्क पहनने से इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है ?
    करॉना वायरस इतना ज्यादा और इतनी तेजी से फैल रहा है कि हर कोई इससे बचने का तरीका खोजने में लगा है और इसी क्रम में आधी जनता सर्जिकल मास्क पहनकर सड़कों पर घूम रही है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंज प्रिवेंशन सीडीसी की मानें तो मास्क पहनने से इंफेक्शन फैलने का रिस्क कम नहीं होगा। सर्जिकल मास्क पहनने से सिर्फ इंफेक्शन का रिस्क कम होगा इससे बचाव नहीं। प्रिवेंशन का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप अगर उन शहरों में ट्रैवल कर रहे हैं जहां करॉना वायरस का रिस्क ज्यादा है तो संक्रमित लोगों से दूर ही रहें।
  6. किन लोगों को ये बीमारी होने का रिस्क सबसे ज्यादा है ?
    वैज्ञानिक अब भी इस बात की खोज करने में लगे हैं कि आखिर ये करॉना वायरस लोगों में फैल कैसे रहा है। बुजुर्गों में मौत के आंकड़े ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा वैसे लोग जिन्हें पहले से किसी तरह की कोई बीमारी है या फिर वैसे लोग जो लंबे समय से बीमार हैं उनमें भी इस बीमारी या इंफेक्शन होने का खतरा अधिक है।
  7. क्या एचआईवी की दवाइयों से हो सकता है करॉना वायरस का इलाज?
    थाइलैंड के एक डॉक्टरों के समूह ने दावा किया है कि उन्होंने करॉना वायरस का इलाज खोज लिया है और इसके लिए उन्होंने करॉना वायरस के एक मरीज को एचआईवी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का एक मिश्रण दिया था। डॉक्टरों की मानें तो दवा देने के 48 घंटे के अंदर उस मरीज में सकारात्मक रिकवरी देखने को मिली। हालांकि अब इस बारे में कुछ भी पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सका है इसलिए हम ये नहीं कह सकते कि एचआईवी की दवाइयां ही करॉना का इलाज हैं या नहीं।