प्रियंका गांधी ने संत रविदास मंदिर में की पूजा

वाराणसी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को संत रविदास मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। संत रविदास की 643वीं जयंती के मौके पर मंदिर में प्रियंका का स्वागत सिर पर पारंपरिक पटका (कपड़ा) बांधकर किया गया। प्रियंका ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यर्पण कर परिक्रमा की। सेवादार से प्रसाद भी लिया। वहां से मंदिर के बगल में लंगर स्थल पहुंचीं। लंगर के प्रसाद में पनीर की सब्जी, दही, बुनियां, रोटी और जलेबी खाई। लंगर का प्रसाद लेने के बाद उन्होंने अपनी थाली को उठाकर बर्तन घर ले जाकर रखा।
प्रियंका गांधी ने कहा- संत रविदास की वाणी में कोई बैर नहीं, सभी की समानता है। इंसान को जात-पात में बांटकर नहीं देखना चाहिए। यही भारत की आत्मा है। वो कहते थे राम रहीम एक हैं। रविदास जी महाराज ने एक ही सपना देखा था, जहां सबका सम्मान हो। देश में आज यही लागू होना चाहिए। आज समाज में हिंसा और नफरत फैलाई जा रही है। बात समानता की आपसी एकता की होनी चाहिए।
प्रियंका 10 जनवरी को भी रविदास मंदिर में पूजा करने आई थीं। पिछले साल फरवरी में पार्टी महासचिव बनने के बाद वे 20 मार्च को पहली बार वाराणसी आई थीं। इसके बाद 16 मई और 19 जुलाई को यहां पहुंचीं। वाराणसी से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा सदस्य हैं। 2019 के चुनाव में यहां से उनके खिलाफ प्रियंका के उतरने की चर्चा थी। 10 जनवरी को प्रियंका गांधी बनारस के राजघाट स्थित संत रविदास मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। वहां से नाव से वे पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ गई थीं। उन्होंने सीएए विरोध करने के दौरान 19 दिसंबर को जेल गए लोगों से मुलाकात भी की थी। प्रियंका काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन भी गई थीं।