दिल्ली चुनाव परिणामों से यूकेडी उत्साहित…बीजेपी का झूठ समझने लगे हैं लोगः दिवाकर भट्ट

देहरादून। दिल्ली के चुनाव परिणामों से उत्तराखंड की रीजनल पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल में भी उत्साह नजर आने लगा है। उत्तराखंड के अलग राज्य आंदोलन को लीड करने वाले इस दल को उम्मीद बंधी है कि अब देश की जनता बीजेपी के झूठ को समझने लगी है और इसलिए उत्तराखंड के लोग भी दिल्ली की तरह क्षेत्र के लिए काम करने वाले दल को मौका देंगे। उत्तराखंड क्रांति दल के फील्ड मार्शल कहे जाने वाले दिवाकर भट्ट कहते हैं कि पार्टी नई रणनीति के साथ फिर खड़े होने की कोशिशों में जुट गई है।
दिल्ली से पहले भी बीजेपी को राज्यों में स्थानीय दलों ने ही पटखनी दी है। उत्तराखंड के साथ ही बने झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बाजी जीती और झामुमो के हेमंत सोरेन मुख्यंत्री बने। महाराष्ट्र में बीजेपी को झटका देकर शिवसेना ने सत्ता हथिया ली तो तेलंगाना में टीआरएस को जीत मिली।
नॉर्थ ईस्ट के राज्य मिजोरम में स्थानीय दल एमएनएफ सत्ता में आया तो हरियाणा में नई बनी पार्टी जेजीपी ने बीजेपी का रास्ता रोक दिया और दुष्यंत चैटाला धमक के साथ बीजेपी की सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। ये चुनाव परिणाम साफ करते हैं कि बीजेपी को रीजनल पार्टी ही रोक सकती है। क्या उत्तराखंड में यूकेडी में भी यह दम है ? पार्टी के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट को लगता है कि अब यूकेडी की वापसी का समय आ गया है। वह कहते हैं कि उक्रांद उन गलतियों को दूर कर रहा है जो पहले की थीं। पहली गलती यह थी कि हम सड़क पर चलते रहे और जो रास्ता विधानसभा में जाता है उसे नहीं अपनाया। यह रास्ता था गांव का। भट्ट कहते हैं कि अब सभी लोगों को समझा रहे हैं कि गांव के रास्ते से चलकर आगे आएं।
दूसरे हम यह काम कर रहे हैं कि जितने भी उत्तराखंड के पक्षधर थे, उन सपनों को अपनाने में सहायक बने थे…उन सभी बिखरे हुए लोगों को एक कर रहे हैं। उत्तराखंड के लिए सोचने वाले सभी लोगों को एक मंच पर लाकर तीसरा विकल्प पेश करेंगे।
उत्तराखंड के लोगों ने देख लिया है कि दोनों दलों ने कुछ नहीं किया। 10 साल बीजेपी को दे दिए हैं, 10 साल कांग्रेस को अब वह एक मौका उत्तराखंड के लिए काम करने वाली पार्टी को भी देंगे।