प्रियंका ने कहा- यह सरकार गरीब लोगों के खिलाफ

आजमगढ़। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार को बिलरियागंज में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में घायल हुईं महिलाओं से मिलने पहुंची। उन्होंने कहा- आप सभी के साथ गलत किया गया है। हमें इस अन्याय के खिलाफ खड़ा होना होगा। यह सरकार पूरी तरह से गरीब लोगों के खिलाफ है। जिन लोगों पर अत्याचार हुआ है और जो लोग जेल में बंद हैं उनको न्याय दिलाने की कोशिश हर संभव की जाएगी।
उन्होंने कहा देश को इनकी खतरनाक नीतियों से बचाना होगा। आन्दोलन करने वालों पर देशद्रोह जैसी धाराएं लगाना गलत है। मैं मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत करूंगी। प्रियंका गांधी ने करीब 45 मिनट तक पीड़ित महिलाओं से बातचीत की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार सुबह वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री एयरपोर्ट से आजमगढ़ पहुंच गई हैं। दिल्ली में आए नतीजों पर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा, सिर्फ मीडिया के सवालों पर हाथ जोड़कर चली गईं। आजमगढ़ के बिलरियागंज स्थित जौहर अली पार्क के पास सलमान के हाता में 100 से ज्यादा महिलाएं प्रियंका से मिलने इकट्ठा हुई थीं। वहां पहुंचने के लिए भीड़ ने भी जोर आजमाइश की, लेकिन पुलिस ने किसी को जाने नहीं दिया। कांग्रेस नेता अजय राय भी बाहर ही रह गए, जिन्हें बाद में अंदर बुलाया गया। इससे पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का आजमगढ़ के बिलियारगंज जाते समय जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग व जोगियापुर स्थित कांग्रेस के कैंप कार्यालय के पास कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।


बिलरियागंज कस्बे में सीएए और एनआरसी के विरोध में 5 फरवरी को महिलाओं ने शाहीन बाग की तर्ज पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग कर महिलाओं का वहां से हटाया था। यहां महिलाओं को हटाने के दौरान आंसू गैस के गोले दागे गए थे, जवाब में पथराव भी हुए थे। लाठीचार्ज में कई महिलाएं घायल हुई थीं। पुलिस ने 19 लोगों को देशद्रोह समेत विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आजमगढ़ से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सांसद हैं।
प्रियंका गांधी वाराणसी से सड़क मार्ग से आजमगढ़ आएंगी। बिलरियागंज पहुंच कर पीड़ितों से मुलाकात करेंगी और उनकी समस्याएं सुनेंगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रियंका गांधी व अन्य कांग्रेस नेताओं की शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम एवं एनआरसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान हिंसा और उत्पीड़न पर यूपी के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से छह समाप्त के भीतर जवाब मांगा है।