कोरोना वायरस के चलते चीन में टल रहीं शादियां

बीजिंग। कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रकोप के बाद से चीन के शादी उद्योग के राजस्व में गिरावट आई है। वायरस की वजह से काफी जोड़ों को चीनी वसंतोत्सव के दौरान होने वाली अपनी शादियों को स्थगित करना पड़ा है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग के विश्लेषकों और व्यावसायिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इंडोनेशिया के बाली, जापान के ओकिनावा और मालदीव में चीनी जोड़ों की शादियां कराने वाली विदेशी विवाह कंपनियों ने उनके काम में बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना दी है।

बीजिंग में एक दुल्हन झोउ ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, “हमने अपने विवाह समारोह को स्थगित कर दिया है, जो बाली में मार्च की शुरुआत में होना था। हमने स्वास्थ्य कारणों से शादी जैसे कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ से बचने के लिए यह फैसला किया है।” बीजिंग की वेडिंग प्लानिंग फर्म की एक कर्मचारी लीसा वांग ने बताया, “मेरे ग्राहकों ने फरवरी में बाली में शादी समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी। मगर वायरस की महामारी की चिंताओं के कारण उन्होंने इस साल की दूसरी छमाही तक इन कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।”

पिछले हफ्ते इंडोनेशिया ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए चीन से आने-जाने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। वांग ने बताया कि फरवरी की शुरुआत से ही उनके काम पर काफी नकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बाली, ओकिनावा और दक्षिण कोरिया स्थित जाजू द्वीप में स्थानीय विवाह कार्यक्रमों और फोटोग्राफी के लिए जनवरी के अंत से फरवरी के मध्य तक कोई नया अनुबंध प्राप्त नहीं हुआ है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल की एक अन्य कर्मचारी ने बताया, “पिछले वर्षो में हमें अपने स्टूडियो में शादी की तस्वीरों के लिए चीनी जोड़ों से जनवरी में 20 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए थे, लेकिन इस साल हमें कोई भी ऑर्डर नहीं मिला है। दक्षिण कोरियाई कर्मचारी ने यह भी कहा कि चीनी ग्राहकों से हाल के वर्षो में स्टूडियो के राजस्व में वृद्धि हुई है, मगर इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

चीन में फीका ‘वैलेंटाइन डे’, फूलों की बिक्री प्रभावित
शंघाई। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। यही वजह है कि इस बार चीन में प्यार का त्योंहार ‘वैलेंटाइन डे’ भी फीका नजर आ रहा है। चीन में इस बार ‘वैलेंटाइन डे’ पर फूलों की बिक्री पिछले वर्षो के मुकाबले काफी कम हुई है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वैलेंटाइन डे की पूर्व संध्या पर शंघाई शहर में एक फूल विक्रेता ली यूकांग को किसी भी ग्राहक की उम्मीद नहीं है, क्योंकि नोवेल कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच उनकी दुकान बंद पड़ी हुई है।

पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत के 36 वर्षीय दुकानदार ने गुरुवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया, “हम 12 साल से फूल बेचने का काम कर रहे हैं। मेरी पत्नी और मैंने कभी वैलेंटाइन डे नहीं मनाया, क्योंकि हमारे लिए आमतौर पर यह साल का सबसे व्यस्त दिन होता है। हमें पूरी रात फूलों को व्यवस्थित करना और इनकी पैकेजिंग करनी होती है।”

पिछले वर्षो वैलेंटाइन सप्ताह के दौरान फूलों की इतनी मांग होती थी कि कर्मचारियों को रातभर काम पर लगे रहना होता था। मगर इस साल ली के कर्मचारियों ने काम शुरू ही नहीं किया है। वायरस से प्रभावित क्षेत्रों में से कुछ कर्मचारी अभी भी अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। लिहाजा ली और उनकी पत्नी को ही वैलेंटाइन डे यानी शुक्रवार को वितरित किए जाने वाले फूलों व गुलदस्तों को पैक करने का काम करना पड़ रहा है।

वायरस के प्रकोप ने उनके स्व-संचालित व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया है, क्योंकि इनकी दुकान पर जितनी बिक्री सामान्य तौर पर होती थी, अब उसकी महज 10 फीसदी बिक्री ही हो पा रही है। ली ने कहा, “इस साल हमें लगभग 50 ऑर्डर मिले, जोकि सभी ऑनलाइन ऑर्डर हैं। पिछले सालों में हमारे पास 500 ऑर्डर आए थे।” उन्होंने पूछा, “हर कोई घर पर रहना चाहता है। अगर कोई अपने साथी को घर पर ही सीमित रखता है तो कोई फूल क्यों खरीदेगा?”

अगर यह वैलेंटाइन डे किसी अन्य वर्ष की तरह ही होता तो ली पड़ोस की दुकानों पर भी फूलों के भंडारण का इंतजाम करते और अपने घर में भी फूल भर कर रखे होते। मगर इस साल उन्होंने थोक बाजार से बहुत अधिक खरीद नहीं की, क्योंकि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि इस बार अधिक फूल नहीं बिकेंगे।