बरेली में वन डे वन विलेज अभियान

बरेली। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि जनपद के पंचायत भवनों को सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनका जीणोद्धार तथा सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है तथा इनमें आंगनबाड़ी केंद्र आदि के साथ एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जा रहा है ताकि ग्रामीण युवा तथा अन्य लोगों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और अधिक जागरूकता फैले और पात्र लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि सम्पदा के साथ साथ वहां की बौद्धिक क्षमता को भी विकसित करने के अवसर सृजित करना आवश्यक है। इसी उददेश्य से उन्होंने बरेली जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों के जीर्णाद्धार का बीड़ा उठाया है।

नितीश कुमार बहेड़ी विकास खंड के ग्राम शकरपुर में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत ’वन डे वन विलेज’ अभियान में आयोजित चैपाल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वहां मौजूद ग्रामीणों का आह््वान किया कि वे पंचायत भवनों को सेवा केंद्र के रूप में उपयोग करें जितने भी उपलब्ध संसाधन हैं, सभी का भरपूर उपयोग करें। जो समस्याएं आएं उन्हें सम्बंधित अधिकारियों से बताएं, उन्हें हर हाल में दूर किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्रों का विवरण प्राप्त करने के साथ ही कहा कि जो कृषक रह गए है उनकी डेटा फीडिंग में कोई तकनीकि दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन कृषकों का पैसा नहीं आ रहा है उनका विवरण शीघ्र फीड किया जाए। उन्होंने वहां मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, उनकी सहयोगियों तथा एएनएम से कहा कि उनके जिम्मे सबसे महत्वपूर्ण कार्य हैं, वे अगर चाहें तो गांवों में सभी महिलाओं का स्वास्थ्य सुधर जाएगा, प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराएं और जननी सुरक्षा योजना का तत्काल लाभ दें। उन्हांने आशा और उनकी सहयोगियों से कहा कि अगर वे चाहें तो गांव के सभी बच्चे स्कूल जाने लगेंगे। उन्होंने उदाहरण के लिए चैपाल में उपस्थित आठ दस साल की बच्चियों से पूछा कि क्या उन्हें अपने छोटे भाई बहनों की देखभाल नहीं करनी पड़ती है, बच्चियों ने कहा करनी पड़ती है।

जिलाधिकारी ने इस पर आशा और उनकी सहयोगियों से कहा कि ये बच्चियां वास्तव में आपका काम कर रही हैं। आप अगर अपना काम करें तो ये बच्चियां स्कूल जाने लगेगीं। किसी भी गांव में कोई भी बच्चा अशिक्षित रह जाता है तो यह सामाजिक हानि होगी। उन्होंने आशा और सहयोगियों से कहा कि गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य की बहुत बड़ी जिम्मेदारी उन पर है। वह अगर चाहें तो स्वस्थ समाज की दिशा में वह सराहनीय कार्य को अंजाम दे सकती हैं।

जिलाधिकारी ने शकरस गांव में बच्चों के शत प्रतिशत टीकाकरण का कार्य करने के निर्देश के साथ ही कहा कि अगले माह तक गांव को सभी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। चैपाल में उन्हांने कृषि विभाग के तकनीकी मैनेजर तथा अन्य कर्मचारियों का ग्रामीणों से सामना कराने के बाद कहा कि वे लोग इन कर्मचारियों से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें। इन्हें काम करने पर मजबूर करें। जिलाधिकारी ने गांव के कृषकों से गैर रासायनिक खाद के प्रयोग पर बल देने की अपील की और कहा कि आज यहां जो बुजुर्ग बैठे हैं। वह वही अनाज खाते थे जिसे आज हम लोग आर्गेनिक कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे भोजन से ही शरीर स्वस्थ रह सकता है।

नितीश कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि कि जिस प्रकार राशन के लिए वह सरकारी दुकानों पर अधिकार के साथ जाते हैं, उसी प्रकार अन्य कार्यालयों में भी अधिकार के साथ जाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्हांने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनेक योजनाएं चला रखी हैं, जागरूकता नहीं होने के कारण इन योजनाओं का उतना लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने तहसीलदार से कहा कि सप्ताह में एक बार अथवा पंद्रह में अवश्य एक बार वह गांव के पंचायत भवन में आएं और ग्रामीणों के प्रमाण पत्र आदि के बनवाने की कार्यवाही पूरी करें।

चौपाल से पूर्व जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय, शकरस का निरीक्षण किया और वहां पर बच्चों से क्लास में पूछा कि उन्हें क्या क्या पढ़ाया जा रहा है, उन्होंने पाठ््य पुस्तकों के कुछ अंश भी उनसे सुने। उन्हांने टीचरों से भी इस सम्बंध में जानकारी प्राप्त की। स्कूल में स्पोर्टस किट, एमडीएम के किचन से लेकर टायलेट तथा पानी की सप्लाई तक का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया और एबीएसए से कहा कि स्कूल का अर्थ केवल क्लास रूम तक ही सीमित नहीं है। पानी नहीं आएगा तो टायलेट बेकार है, स्कूल की पूरी व्यवस्था को देख उन्होंने कहा कि समग्रता में स्कूल को चलाया जाए तो बहुत अच्छे परिणाम निश्चित रूप से आएंगे। उनके साथ सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग के अलावा जनपद के अन्य अधिकारी भी थे।